श्याम रंग नीला है या काला

दरस दिखाओ मेरे कान्हा

दरस दिखाओ मेरे कान्हा

दरस दिखाओ मेरे कान्हा, छेड़ो तुम मुरली की तान।
हिया बावरा तुमको चाहे, जागे कितने हैं अरमान।।

तेरी जोगन तुझसे पूछे,तेरा उर है क्यों पाषाण?
पथ में कंटक और अंधेरा, लगता राह नहीं आसान।।
द्वार निहारूं कब आओगे, सुनो सांवरे दे दो भान
दरस दिखाओ मेरे कान्हा, छेड़ो अब मुरली की तान।।

भोर मनोरम साँझ सुहागन, रात अँधेरी प्रीत प्रमाण।
विरही अंजन नैनन बरसे, ज्यों सावन सा हो प्रतिमान।।
तुम हो साधन तुम आराधन, कर जीवन का नव निर्माण।
दरस दिखाओ मेरे कान्हा, छेड़ो अब मुरली की तान।।

मृग तृष्णा सी ढूंढ़ा करती, चाहूंँ मैं तेरा दीदार।
तृप्त करो मेरे मन को तुम, सहा नहीं जाए व्यभिचार।।
आकर मुझ में मिल जाओ तुम, बन जाओ मेरी पहचान ।
दरस दिखाओ मेरे कान्हा, छेड़ो अब मुरली की तान।।

सुप्त हृदय को करो तरंगित , मिल जाए दिल को आराम।
प्रेम रंग में रंगो मुझे अब, ले लो हाथों को तुम थाम।।
कहां छुपे हो सुनो सांवरे , ‘सखी’ अंजना को लो जान।
दरस दिखाओ मेरे कान्हा, छेड़ो अब मुरली की तान।।

श्रीमती अंजना सिन्हा “सखी”
विशिष्ट कवयित्री एवम् लेखिका
रायगढ़ – छत्तीसगढ़, भारत।

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • जल दिवस | Geet Jal Divas

    जल दिवस ( Jal Divas ) जल ही जीवन जानते हो फिर भी तुम ना मानते हो व्यर्थ बहने देते हो जल व्यर्थ बहने देते हो कपड़े बर्तन धोते समय नल नहीं बंद करते हो हाथ मुंह धोते समय नल नहीं बंद करते हो सब्जियां फल धोके पानी पेड़ों में नहीं डालते हो व्यर्थ बहने…

  • ढलती रात | Dhalti Raat

    ढलती रात ( Dhalti raat )   ढलती रात हुई अंधियारी, साहिब जी ना आए। धक-धक धड़के जिया हमारा, मन मेरा घबराए। सनम कहो रात कहां बिताए हाथों में मेहंदी रचके गौरी, कर कर सोलह सिंगार। कब आएंगे प्राण प्यारे, करती प्रियतम का इंतजार। ज्यों ज्यों रात बढ़े निशा, पून सन सन करती जाए। रस्ता…

  • गुरु चरणों में | Geet Guru Charano Mein

    गुरु चरणों में ( Guru Charano Mein ) गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों में अपने, हमको बैठा लो। सेवा में अपनी, हमको लगा लो, गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे। मुझको अपने भक्तो की, दो सेवादारी। आयेंगे सत संघ सुनने , जो भी नर नारी। मैं उनका सत्कार करूँगा, वंदन बारम्बार करूँगा।। गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों…

  • तुम हवा पर गीत लिख दो | Geet Likh do

    तुम हवा पर गीत लिख दो ( Tum Hawa par Geet Likh do )   तुम हवा पर गीत लिख दो, मैं बसंत हो जाऊंगा। फूल बनकर खिल जाना, मैं उपवन महकाऊंगा। तुम हवा पर गीत लिख दो बह चले मधुर पुरवाई, जब मन मयूरा लगे झूमने। मनमोहक मुस्कान लबों पे, भंवरे लगे डाली चूमने।…

  • तब होगी मन में हरियाली | Geet Man mein Hariyali

    तब होगी मन में हरियाली ( Tab hogi man mein hariyali )   बरसे सावन खूब घनेरा, झड़ी लगी फुहारों वाली। प्रेम उमड़े घट के भीतर, तब होगी मन में हरियाली।   मीठे-मीठे मोती झरे, शब्द सुधारस जाते घोल। ओज वाणी सुनकर के, शत्रु तक भी जाते डोल।   उर आनंद तन मन होता, जन…

  • खूब रोता मन | Sad Love Poetry in Hindi

    खूब रोता मन ( Khoob rota man )   कभी जब याद तुम आते, दृगों को घेर लेते घन । अकेले में छुपाकर तन, सिसकता खूब रोता मन ।। न कुछ अच्छा लगे जी में, उदासी का रहे पहरा । तुम्हारी पीर अंतर् में, चलाए तीर अब गहरा ।। गए जब छोड़ प्रिय तब से,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *