Dhanteras par kavita

धन्य त्रयोदशी

धन्य त्रयोदशी

सबसे निस्पृह महावीर प्रभु अनंत चतुष्टय रत रहते,
समवसरण की बाह्य लक्ष्मी पर भी चौ अंगुल स्थित रहते,
कार्तिक मास की त्रयोदशी पर तीर्थंकर पुण्य भी त्याग दिया,
सारा वैभव पीछे छूटा प्रभु एकल विहार रत रहते !!

धन्य हुई कार्तिक त्रयोदशी आपने योग निरोध किया,
मन वच काय साध आपने आत्म तत्व को शोध लिया ,
योग रोध की महा प्रक्रिया अद्भुत विस्मयकारी है,
धन संबंधी मिथ का गुरू से धर्मीजन ने बोध लिया !

नहीं संबंध धन वैभव का त्रयोदशी पर जैन दर्शन में,
अंतिम बार तीर्थंकर वाणी खिरी थी समोशरण में,
गूंज उठी ये दसों दिशाएं धन्य धन्य के जयकारों से,
अंतर्ध्यान हो गए वर्द्धमान आत्म तत्त्व के शोधन में !

आप समान योग को नाश हमें कर्मास्रव को रोकना है,
तड तड कर टूट जाएं कर्म ऐसी निर्जरा करना है,
आत्म लीन हों छोड़ ममत्व देह से अंतिम क्षण में,
मोक्ष कल्याण कर हमको अपना मुक्ति रमा को वरना है!

विरेन्द्र जैन

( नागपुर )

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • वृक्ष हमारे तुम संरक्षक हो

    वृक्ष हमारे तुम संरक्षक हो वृक्ष हमारे तुम संरक्षक होहरे भरे हो खड़े हो सीना ताने।भव्य शस्यश्यामल है रूप तिसारा,लगते कोई हमारे शुभ चिंतक हो।घने घने हरे भरे पत्तों से सुशोभित,थलचर -नभचर को आश्रय देते-हो।शीतल छांव तुम्हारी देती आश्रय,हर प्राणी हर चर अचर को।सकल ब्रम्हांड में हो जय जयकार तुम्हारी,वृक्ष तुम मित्र हो, है तुम्हारी…

  • मैं | Main

    मैं ( Main )    टूटे हुए दिल की दास्तान हूं मैं उजड़े हुए चमन का बागबान हूं मैं खिले तो फुल मगर , सब बिखर गए खड़ा पतझड़ सा ,नादान रह गया हूं मैं चले तो थे सांस मिलकर कई लोग रह गया तन्हा छूटा हुआ कारवां हूं मैं बट गई मंजिले भी उनकी…

  • तेरे पाठ और तेरे गीत | Kavita Tere Paath Aur Tere Geet

    तेरे पाठ और तेरे गीत पढ़ा रहे हो पाठ कोई, या सुना रहे हो कोई गीत, कुछ भी हो सुंदर हैं दोनों, तेरे पाठ और तेरे गीत, याद रखूंगी पाठ तुम्हारे, याद रखूंगी तेरे गीत, जीवन के लिए जरूरी दोनों, तेरे पाठ और तेरे गीत, सीख जरूरी जीवन में, संगीत जरूरी जीवन में, दोनों ही…

  • जिंदगी का राज | Kavita Zindagi ka Raaz

    जिंदगी का राज ( Zindagi ka Raaz ) मेरी मुस्कान का राज लोग पुछते हैं I क्योंकि, मैंने कभी दर्द की नुमाइश नही की I जिंदगी से जो मिला उसे कबूल किया I किसी चीज की मैंने कोई फरमाइश नही की I१I मुश्किल है यारो मुझे समझ पानाI क्योंकि, जीने के अलग है अंदाज मेरे…

  • पवित्र शंख | Shankh par kavita

    पवित्र शंख ( Pavitra shankh )      जगतपिता नारायण रखते जिसको अपने हाथ, आओ करें आज हम उस पवित्र शंख की बात। इसी शंख में होता है देवी लक्ष्मी-मैया का वास, जिससे जुड़ी है महत्वपूर्ण और कई सारी बात।।   इसको घर में रखना भी बहुत शुभ माना जाता, फूॅंक मारकर तीन-बार बजाया जिसको…

  • बसंत | Basant kavita

    बसंत ( Basant )   चंचल मन हिलोरे लेता, उमंग भरी बागानों में। पीली सरसों ओढ़े वसुंधरा, सज रही परिधानों में ।   मादक गंध सुवासित हो, बहती मधुर बयार यहां। मधुकर गुंजन पुष्प खिले, बसंत की बहार यहां ।   गांव गांव चौपालों पर, मधुर बज रही शहनाई है। अलगोजों पर झूम के नाचे,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *