Chaaploosi par kavita

चापलूसी एक हूनर | Chaaploosi par kavita

चापलूसी एक हूनर

( Chaaploosi ek hoonar ) 

 

चापलूसी भी एक कला है जो चमचागिरी कहलाती।
सत्ता के गलियारों में यह नेताओं को बहुत लुभाती।

 

चापलूसी के दम पे कई शहरों में ठेकेदार बन आए।
मीठी चाशनी में भीगे शब्द मोहक रसीले खूब भाए।

 

चमचों की संगठित टीम चापलूसी का हुनर रखते।
दूध मलाई राजसी ठाठ जीवन का आनंद चखते।

 

दुनिया भर के ऐशो आराम चमचागिरी से जब आए।
वाह वाही जीहजूरी चापलूस चुनावों में रंग दिखलाये।

 

बड़ी-बड़ी लच्छेदार बातें बहती वाणी की रसधार।
चापलूसी एक हुनर है रखे चमचागिरी से प्यार।

 

नेतागिरी का जुनून चढ़ा कुर्सी का लालच चर्राया।
नेताओ का चमचा वही जो चापलूसी हूनर पाया।

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

सहोदर | Sahodar par chhand

 

Similar Posts

  • धारा | Dhara

    धारा ( Dhara )    कोशिश न करिए किसी को तौलने की उसकी हुलिए या हालात को देखकर वक्त की दबिश मे चल रहे हैं सभी सूरज भी कभी पूरब तो कभी रहता है पश्चिम… ठीक है की आज आप कहां हैं यह मत देखिए की कौन कहां है हमने देखे हैं कई महलों को…

  • मकर संक्रांति (खिचड़ी)

    मकर संक्रांति (खिचड़ी) भगवान विष्णु ने असुरों पर विजय प्राप्त किया था,भगवान सूर्य इस दिन धनु से मकर में प्रवेश किया था।इस दिन पवित्र नदियों में लोग स्नान कर दान करते हैं,भागीरथी संग गंगा ने कपिल आश्रम में प्रवेश किया था।। प्रयाग में स्नान करने से पापों से छुटकारा मिलता हैं,गंगासागर में स्नान को महास्नान…

  • अपराध बोध | Apradh Bodh

    अपराध बोध ( Apradh bodh )   अपनी आत्मा पर कोई बोझ न कभी रखना | किसी का दिल तुम्हारी वजह से दु:खे, ऐसा कोई काम न कभी करना | कोई इंसान पत्थर दिल न होता यहाँ | इस बात से इंकार न कभी करना | मंजू की लेखनी का है यही कहना | बहुत…

  • घर में पधारो गजानंद जी | Ghar me Padharo Gajanan ji

    घर में पधारो गजानंद जी ( Ghar me padharo Gajanan ji )    घर में पधारो गजानंदजी आओ आंगणिया आओ। लंबोदर महाराज गणेश रिद्धि सिद्धि संग लाओ। दूंद दुंदाला सुंड सुंडाला विघ्नहर्ता गजानन देवा। श्रीगणेश गणपति गदाधर गौरी सुवन प्रथम देवा। शिवशंकर गौरीसुत प्यारे आय भरो भंडार हमारे। सजा धजा दरबार निराला आओ गणपति प्यारे।…

  • जी लेते हैं चिथड़े में खुशहाली में | Kavita Ji Lete

    जी लेते हैं चिथड़े में खुशहाली में   फुटपाथ पर ही हमें हरियाली है जी लेते हैं चिथड़े में खुशहाली है। कचड़े में अरमान तलाश लेते हैं नहीं चोट किसी को कभी देते हैं। छिन लिया जिसने हमारी थाली है उसके घर पाजेब सोने की बाली है। मेरे घर होली औ कहाँ दीवाली है सारे…

  • Corona par Kavita | दबंग कोरोना

    दबंग कोरोना ( Dabang Corona )   ये हाल है और पूछते हैं कि क्या हाल है? अरे यह कोरोना है दबंग हैं सब इससे तंग है। धर लेता तो नहीं देखता धनी निर्धन सरकारों की भी परीक्षा लेता है देखो वह झूठ कितना बोलता है उनकी पोल पट्टी सब खोलता है अफसरों की हनक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *