दिल हुआ है दीवाना इक आज मुखड़ा देखकर
दिल हुआ है दीवाना इक आज मुखड़ा देखकर

दिल हुआ है दीवाना इक आज मुखड़ा देखकर

 

 

दिल हुआ है दीवाना इक आज मुखड़ा देखकर!
रोज़ आहें दिल मेरे अब उसको भरता देखकर

 

प्यार का दिल पे असर मेरे हुआ ऐसा यारों
दिल कहीं भी अब नहीं उसको लगता देखकर

 

के जैसे मेरे लिये रब ने बनाया है तुम्हें
दिल को ही लगता तुम्हें है़ जानम ऐसा देखकर

 

चैन दिल को एक पल भी अब नहीं है रात दिन
होश अपने खो बैठा हूँ हुस्न उसका देखकर

 

दिल नहीं करता किसी से और बातें करने को
मीठी सी बातों का उसका दोस्त लहज़ा देखकर

 

राह में जब से उसे देखा मगर आज़म मैंनें
भूल गया हूँ अपने घर का उसको रस्ता देखकर

 

✏शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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