दिल को | Dil ki Shayari
दिल को
( Dil ko )
बे -इंतहा,
बे – हिसाब,
बे – पनाह,
बे- पायान
प्यार है ‘ गर
दिल को
बे – इंतहा,
बे – हिसाब,
बे- पनाह,
बे -पायान
दर्द भी होता है उस
दिल को..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )

( Dil ko )
बे -इंतहा,
बे – हिसाब,
बे – पनाह,
बे- पायान
प्यार है ‘ गर
दिल को
बे – इंतहा,
बे – हिसाब,
बे- पनाह,
बे -पायान
दर्द भी होता है उस
दिल को..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )

दादा जी ( Dada JI ) यहां तो दादा जी रकीब है नहीं कोई अपना हबीब है रवानी ख़ुशी की कैसे हो फ़िर ख़ुशी जिंदगी से सलीब है घरों में हुये लोग कैद सब चला कैसा मौसम अजीब है कैसे लें आटा दाल यूं महंगा दादा जी बड़े हम ग़रीब है…

तमाशा ऐसा भी हमने सरे-बाज़ार देखा है ( Tamsssha Aisa Bhi Hamne Sare Bazar Dekha Hai ) तमाशा ऐसा भी हमने सरे-बाज़ार देखा है।। दिखावे के सभी रिश्ते जताते प्यार देखा है।। तभी तक पूछते जग में है पैसा गांठ में जब तक। हुई जब जेब खाली तो अलग व्यवहार देखा है।। …

बस गयी दिल में बेबसी इतनी ( Bas gayi dil mein bebasi itni ) बस गयी दिल में बेबसी इतनी! हो गयी दूर जब ख़ुशी इतनी वरना रोना पड़ेगा जीवन भर मत कर यूं ही आशिक़ी इतनी देख वरना दग़ा मिलेगा यूं मत कर तू गहरी दोस्ती इतनी फ़ूल लें लें…

गुलो-गुलजार करती है दिलों को सार की बातें गुलो-गुलजार करती है दिलों को सार की बातें। जुबां से फूल झरने दो करो बस प्यार की बातें।। दिलों को बांटते हैं जो रहे वो दूर ही हमसे। पङी इक ओर रहने दो सभी तकरार की बातें।। मुसलमां है न हिंदू है करे …

सितम जब वो मेरे सह गयी सितम जब वो मेरे सह गयी बात सीधे जिगर तक गयी।। दूसरों से गिला कुछ नहीं, मुझको अपनी नज़र लग गयी।। इश्क करने चला था मगर, बात ख्वाबों में ही रह गयी।। आंसू सम्भले नहीं बह गये, जाने धीरे से क्या कह गयी।। हमने रोका बहुत न…

आ रही है फूलों से सदा एक ही! आ रही है फूलों से सदा एक ही! मत मसलों यूं मुझे बेदर्दी से फूल हूँ मैं आंगन का वो ही हंसी बद्दुआ से दूर रहता हर आंगन जीने दो मुझको जहां में इज्जत से फूल हूँ मैं नाजुक सी खिलती कभी मत…
