दिल को | Dil ki Shayari
दिल को
( Dil ko )
बे -इंतहा,
बे – हिसाब,
बे – पनाह,
बे- पायान
प्यार है ‘ गर
दिल को
बे – इंतहा,
बे – हिसाब,
बे- पनाह,
बे -पायान
दर्द भी होता है उस
दिल को..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )

( Dil ko )
बे -इंतहा,
बे – हिसाब,
बे – पनाह,
बे- पायान
प्यार है ‘ गर
दिल को
बे – इंतहा,
बे – हिसाब,
बे- पनाह,
बे -पायान
दर्द भी होता है उस
दिल को..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )

अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं ( Apni duniya ujad baitha main ) अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं सबसे रिश्ते बिगाड़ बैठा मैं क़ब्र खोदी थी ग़ैर की ख़ातिर लाश अपनी ही गाड़ बैठा मैं बेखुदी के शदीद आलम में हाय ख़त उसका फाड़ बैठा मैं मुझसे नाराज़ हो गयी खुशियाँ आज…

सहारे छोड़ के सारे लिया उसका सहारा है (Sahare Chhod Ke Sare Liya Uska Sahara Hai) सहारे छोड़ के सारे लिया उसका सहारा है। जहां के साथ में हरग़िज नहीं अपना गुजारा है।। बिना मांगे हमें देता वही जो चाहिए हमको। बशर से मांगना हमको नहीं हरगिज़ गवारा है।। सुखों को तू …

बर्बादियों का ग़म न शिकवा बेवफाई का (Barbadiyon Ka Gham Na Shikwa Bewafai Ka) बर्बादियों का ग़म न शिकवा बेवफाई का। हमको मिला है ये सिला तो आशनाई का।। था फ़लसफ़ा कुछ भी नहीं गुमराह हम हुए। अफसोस होता है तेरी उस रहनुमाई का।। बदनाम हम को कर गए दिल को लगा के…

बन गयी है मेरी आशिक़ी ओस है ( Ban Gai Meri Aashiqui Oas Hai ) बन गयी है मेरी आशिक़ी ओस है ऐसी बरसी मुझपे चांदनी ओस से तन भिगोया ऐसा ओस ने हुस्न की कर रही दिल मेरा बेकली ओस है इसलिए ताज़गी से भरा है आंगन रोज़ ही ये …

आस दिल में जिसकी रही पहले (Aas Dil Mein Jiski Rahi Pahle ) आस दिल में जिसकी रही पहले आज उससे नज़र रही पहले बैठा पहलू में वो हंसी मुखड़ा राह में जो मिला कभी पहले नम भरी आज प्यार में आँखें थी लबों पे हंसी भरी पहले प्यार की…

मुस्तकिल अंधेरा ( Mustaqil Andhera ) धीरे-धीरे अंधेरा गहराता जा रहा है, हर शय को यह धुंधलाता जा रहा है, दुनिया की हर रंगत स्याह हो रही है, ये काजल आँखों में समाता जा रहा है, बाहर का अंधेरा अंतर्मन पे भी छा रहा है, जीने की हरआरज़ू को यह अब खा रहा है, सोचता…
