Dr Jaspreet Kaur Falak

ਕਿਤਾਬੀ ਮੋਹ

ਡਾ. ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਫ਼ਲਕ
ਜੇ
ਕਿਤਾਬਾਂ ਸੰਗ ਦੋਸਤੀ ਨਾ ਹੁੰਦੀ
ਹਰਫ਼ਾਂ ਸੰਗ ਪਿਆਰ ਨਾ ਹੁੰਦਾ
ਤਾਂ ਮੈਂ ਵੀ
ਘਰ ਦੀ ਚਾਰ-ਦੀਵਾਰੀ ਅੰਦਰ
ਭੁਰਪੁਰੇ ਲਿਉੜ ਲੱਥੇ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਦੀਆਂ ਕੰਧਾ ਨੂੰ
ਲਿੱਪਦੇ-ਪੋਚਦੇ ਖਪ ਜਾਣਾ ਸੀ।

ਸ਼ੁਕਰ ਮੇਰੇ ਰੱਬਾ!
ਤੂੰ ਮੈਨੂੰ ਹਰਫ਼ਾਂ ਰਾਹੀਂ
ਕਿਤਾਬਾਂ ਦੇ ਲੜ ਲਾਇਆ
ਤਨਹਾਈ ਦੀਆਂ ਧੁੱਪਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ
ਕਿਤਾਬਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਮਟੇ ਤਜਰਬਿਆਂ ਨੇ ਮੇਰੀਆਂ ਰਾਹਾਂ ਨੂੰ ਰੌਸ਼ਨਾਇਆ।

ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਲੜ ਲੱਗ
ਸ਼ਬਦਾਂ ਨੂੰ ਪਿਆਰ ਕਰ
ਆਪਣੇ ਦਿਲ ਦੀ ਗੱਲ ਲਿਖਣਾ ਸਿਖਾਇਆ ਮੈਨੂੰ ਮੇਰੀ ਹੋਂਦ ਦਾ ਅਹਿਸਾਸ ਕਰਾਇਆ
ਮਨ ਹਲਕਾ ਹੋਇਆ।

ਖ਼ਾਮੋਸ਼ੀ ਨਾਲ ਸਦੀਆਂ ਦਾ ਸਫ਼ਰ ਕਰਦੀਆਂ ਕਿਤਾਬਾਂ
ਇਤਿਹਾਸਕ ਵਿਰਾਸਤ ਸਾਂਭੀ ਬੈਠੀਆਂ ਕਿਤਾਬਾਂ
ਚੁੱਪ-ਚਾਪ ਸ਼ੈਲਫ਼ ਤੇ ਅਲਮਾਰੀ ਵਿੱਚ ਪਈਆਂ ਰਹਿੰਦੀਆਂ ਕਿਤਾਬਾਂ
ਬੜਾ ਸਕੂਨ ਦਿੰਦੀਆਂ ਕਿਤਾਬਾਂ।

 

Aurat Samarpan Hai

Dr Jaspreet Kaur Falak

Read More:

घर की इज्जत, बनी खिलौना | Ghar ki Izzat

 

Similar Posts

  • अटल के इरादे

    अटल के इरादे टलना मैंने सीखा नहीं,जिगर शेर-सा मैं रखता हूं।कायर नहीं जो पीठ दिखाऊं,अटल इरादे मैं रखता हूं।। प्रहरी हूं मैं भारतवर्ष का,तन हिमालय-सा मैं रखता हूं।तूफानों से ना कोई डर मुझे,अटल इरादे मैं रखता हूं।। सत्य,अहिंसा,शांति का,मूलमंत्र स्वीकार मैं करता हूं।मानवता की राह चलने का,अटल इरादे मैं रखता हूं।। शत्रु की सांसे मैं…

  • मकर संक्रांति पर्व | Makar Sankranti Parv

    मकर संक्रांति पर्व ( Makar sankranti parv ) उड़ी उड़ी रे पतंग देखो उड़ी रे पतंग, मन हुआ है मतंग देख कर ये पतंग। कभी इधर चली तो कभी उधर मुड़ी, आसमान में चहुं ओर ये पतंग उड़ी। नीले पीले हरे गुलाबी सब रंगों में रंगे, जैसे आसमान में इंद्रधनुष आज हैं टंगे। पतंग उड़ाकर…

  • मानव, पानी और कहानी

    मानव, पानी और कहानी   जीवन झर झर झरता, है झरने सा, झरना झर झर बहता, है जीवन सा, मानव के ऑखो मे पानी, नदी, कूप, तालों मे पानी, पानी की कलकल है जरूरी, ऑखों की छलछल है जरूरी, मानव, पानी और कहानी, है धरती की यही निशानी, जीवन की जो कहानी है, झरने में…

  • अवतरण दिवस की शुभकामनाएं | Janamdin par Kavita

    अवतरण दिवस की शुभकामनाएं ( Avtaran Divas ki shubhkamnaye )   आपके जन्म-दिन के अवसर पर, अकुंश हम छुट्टी नही आ पाएंगे। दूरी है मजबूरी है दुआ दे पाएंगे, और उपहार भी ना पहुँचा पाएंगे।। इस कविता में मेरा स्नेह आशीष, पढ़कर लेना सबसे शुभ आशीष। यही कुछ दुआएं तब काम आती, कष्ट परेशानियां किसी…

  • कार्तिक पूर्णिमा | Kartik Purnima

    कार्तिक पूर्णिमा ( Kartik purnima )   कार्तिक पूर्णिमा पावन पर्व स्नान ध्यान दान का। देव दिपावली त्योहार मनाते सनातन विधान का। गंगा धारा में दीपक पूजन अर्चन हो श्रद्धा भाव से। मनोकामना पूर्ण होती धन वैभव हो शुभ प्रभाव से। सहस्त्रों नर नारी नदी तट भाव भक्ति से करें स्नान। नारायण की पूजा होती…

  • अंधी दौड़ | Kavita andhi daud

    अंधी दौड़ ( Andhi daud )   नशा और उन्माद यह सर्द रात कैसा दौर आज नशा और उन्माद संस्कृति का विनाश प्रश्न पूछने पर बड़े बेतुके जवाब चुप रह जाते आप बिगड़ रहा समाज अंधी दौड़ कैसी भागमभाग बेकाबू गाड़ियां बेखौफ सवार अंधकार चहु ओर नीरसता सन्नाटा मौत का तांडव कहीं कोई दिखाता  …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *