ए खुदा भेज दें जिंदगी में कोई!
ए खुदा भेज दें जिंदगी में कोई!

ए खुदा भेज दें जिंदगी में कोई!

 

ए खुदा भेज दें जिंदगी में कोई!

प्यार की हो अब शामिल ख़ुशी में कोई

 

प्यास दिल की बुझा दे कोई आकर

रहता जो प्यार की तिश्नगी में कोई

 

इसलिए दिल उदासी भरा है मेरा

दे गया हिज्र है  दोस्ती में कोई

 

मुश्किलों में ही मुंह मोड़ लेते है सब

साथ देता नहीं  जिंदगी में कोई

 

सब मिलें है दग़ाबाज मुझको यहाँ

की वफ़ा का न मिला जिंदगी में कोई

 

नाम देकर वफ़ा प्यार का जीस्त में

छल रहा है मेरी  दोस्ती में कोई

 

हंस रहा आज़म की बेबसी पे देखो

एक चेहरा यहाँ है सभी में कोई

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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