थी अधुरी प्यार की दिल में रवानी देखिए
थी अधुरी प्यार की दिल में रवानी देखिए

थी अधुरी प्यार की दिल में रवानी देखिए

 

थी अधुरी प्यार की दिल में रवानी देखिए

वो किताबों में लिख डाली है  कहानी देखिए

 

दर्द ग़म का जो दिया उसने मुझे रुसवा किया

प्यार की इक दिन उसको क़ीमत चुकानी देखिए

 

ढूंढ़ती है वो न जाने रोज़ किसको यहाँ

वो निगाहें लगती मुझको दीवानी देखिए

 

देखली है आज वो सूरत फ़रेबी मैंनें ही

इसलिए छायी चेहरे पे रसगिरानी देखिए

 

जल गये मेरी मुहब्बत से यहाँ तो लोग सब

रोज़ मुझपे ही लगी है पासबानी देखिए

 

सोचता हूँ मैं गली महकी किसी गुल हुस्न से

ये तो महकी है गली रातों की रानी देखिए

 

प्यार से आज़म कभी बातें करता जो रात दिन

कर गया है वो बड़ी ही बदज़ुबानी देखिए

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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