साहित्य कुल भूषण सम्मान से सम्मानित हुए सैनिक कवि गणपतलाल उदय

भरतपुर के कस्बें नगर में काव्य गोष्ठी मंच जयपुर एवं ब्रजवानी जन सेवा समिति नगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित काव्य के मोती भाग 2 साझा काव्य संकलन का भव्य लोकार्पण हुआ जिसमें देशभर के नामचीन 74 कवि कवियित्रियों की चार चार चुनिंदा रचनाएं एवं परिचय प्रकाशित है।

इस पुस्तक का लोकार्पण मुख्य अतिथि राजस्थान राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष व विधायक वाजिब अली एवं डॉ. आर के शर्मा अध्यक्ष राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी जयपुर के अलावा नगर के वरिष्ठ साहित्यकार वेद प्रकाश शर्मा वेद, जयपुर के राम बाबू शर्मा, जोधपुर के छगनलाल राव, उदयपुर के श्याम मठपाल, भरतपुर के सुरेश चतुर्वेदी, धोलपुर के
राजवीर क्रांति, प्रतापगढ़ के चंद्रप्रकाश द्विवेदी, कोटा से निर्मल औदित्य, उर्मिल औदित्य, बृजेन्द्र झाला, भरतपुर से लखनपाल सिंह शलभ, कामां से कमल सिंह कमल, अलवर जिले से रामकिशोर सैनी, आगरा से प्रवेश अकेला, भोपाल मध्यप्रदेश से प्रतिभा कौशल, धौलपुर से सुरेन्द्र सिंह परमार, गोविंद प्रकाश शुक्ल, अजमेर से गणपतलाल उदय, झुंझुनूं से रमाकांत सोनी, नागौर से तेजसिंह राठौड़, आदि ने कार्यक्रम मे शिरकत किया।

इस कार्यक्रम में पधारने वाले सभी कवियों रचनाकारों साहित्यकारों व स्थानीय लोगों का यहां पर भव्य स्वागत व माल्यार्पण किया गया साथ ही सभी साहित्यकारों को “साहित्य कुल भूषण” की उपाधि से नवाजा गया। ये आयोजन 20 मई 2023 को स्थान गंगा वाटिका मैरिज गार्डन चुंगी के पास डीग रोड़ नगर भरतपुर में सम्पन्न हुआ।

इसके साथ साथ इस कार्यक्रम में 26 साहित्यकारों की 31 पुस्तकों का विमोचन भी किया गया रात्रि में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शानदार आयोजन किया गया जिसमें एक से बढ़कर एक कवियों की प्रस्तुतियां रही। इस कार्यक्रम में संचालन अभिषेक अमर ने किया।
जय हिंद, जय हिंदी, जय हिंदुस्तान

यह भी पढ़ें :-

नवलगढ़ के साहित्यकार भरतपुर में हुए सम्मानित

Similar Posts

  • चॉकलेट डे

    चॉकलेट डे तेरी यादों की मिठास से, हर लम्हा गुलजार है, तेरे बिना भी ये दिल तुझसे ही सरोकार है।हर एहसास, हर ख्वाब बस तुझसे है जुड़ा,जैसे चॉकलेट की खुशबू में लिपटा दिकुप्रेम का प्यार है। आज चॉकलेट डे पर तेरा एहसास पास लगे,तेरी मुस्कान ही मेरे प्यार की मिठास लगे।हर लफ़्ज़, हर धड़कन बस…

  • पिता – एक कल्पवृक्ष | Pita ek kalpavriksha

    पिता – एक कल्पवृक्ष ( Pita ek kalpavriksha )    अपनी कलम से छोटा सा साहस मैंने भी किया है, पिता पर कुछ लिखने का प्रयास मैंने भी किया है। घने वृक्ष के समान पिता होते हैं, जिनके साये में परिवार पलते है , सूरज का होते है वो ऐसा प्रकाश गम के काले बादलों…

  • इश्क दर्द है | Ishq Dard Hai

    इश्क दर्द है  ( Ishq Dard Hai )   इश्क दर्द है इश्क जवानी है इश्क में हो रहा …. पानी-पानी है इश्क जान है इश्क जहान है इश्क महसूस करो तो इश्वर, अल्लाह, भगवान है इश्क न काला है इश्क न गोरा है इश्क में ………. ने बेदर्दी से खुद को पाला है इश्क…

  • किताबी ज्ञान | Geet kitabi gyan

    किताबी ज्ञान ( Kitabi gyan )   जीवन का अनुभव सच्चा है झूठा है अभिमान ढाई आखर प्रेम का सच्चा व्यर्थ किताबी ज्ञान सभ्यता संस्कार जीवन में व्यवहार सिखाते हैं किताबी ज्ञान के दम पर मानव ठोकरें खाते हैं हम तूफां से टकराते हैं माना पुस्तक मार्गदर्शक राह सही दिखलाती है असल जिंदगी में तो…

  • घर घर आएंगे राम | Ghar Ghar Aayenge Ram

    घर घर आएंगे राम ( Ghar Ghar Aayenge Ram )   घर घर राम आएंगे मर्म धर्म का बतलाएंगे पुन स्थापित होंगे राम अवध में फिर से प्राण प्रतिष्ठा होगी जन-जन के हित साधें राम नरेश अवध के जय श्री राम मनु के वंशज कहलाते श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम है श्री राम कौशल्या सुत दशरथ…

  • भानुप्रिया देवी की कविताएँ

    भगवान बुद्ध में भगवान बुद्ध में दया,करुणा कूट-कूट कर भरा हुआ था। सबके लिए उमड़ती चिंता मन में, सभी के कष्ट को अपना कष्ट। इसलिए तो मृत,रोगी,वृद्ध देख मन हुए दर्वित,दु:खी,उदासी । मनुष्य को इतना दुर्दशा है, पता नहीं कब किया होगा , क्यों ना हम जन्म के मूल मातृत्व का चक्कर बंधन से ही…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *