Gantantra Diwas Poem

गणतंत्र दिवस मनाएं हम | Gantantra Diwas Poem

गणतंत्र दिवस मनाएं हम

( Gantantra diwas manaye hum )

 

हर साल आता है जनवरी-माह में यह पर्व,
प्यारा और न्यारा जिस पर करते सब गर्व।
इस दिन अपनाया गया ये भारत संविधान,
जो लोकतंत्र की पहचान एवं हमारी शान।।

झण्डा फहराकर मनातें गणतंत्र दिवस हम,
आयोजन करते नाच गान खुशियों से हम।
२६ जनवरी है वो वार्षिकोत्सव की तारीख,
शहीदों को चढ़ाते श्रृद्धासुमन ये पुष्प हम।।

संविधान का खिताब संसार में हमनें पाया,
लोकतंत्र का डंका संपूर्ण विश्व में बजाया।
सत्य अहिंसा व शांति यह शान भारत की,
धरा सुरक्षा में अनेंको वीरों ने रक्त बहाया।।

सौगात दिया है वीरों ने अपनी जान देकर,
ये अखण्डता बरकरार रखेंगे हम मिलकर।
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम सब है ‌भाई,
आओ हम सभी प्रतिज्ञा ले रहेंगे मिलकर।।

यह ऐतिहासिक पल है हमारा एवं तुम्हारा
गौरवान्वित करता है हिन्दुस्तान को सारा।
गणतंत्र से मिला है हमें मतदान अधिकार
कोटि कोटि वंदन दिया संविधान ये प्यारा।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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