तेरे मेरे दरमियां | Geet Tere Mere Darmiyaan

तेरे मेरे दरमियां

( Tere mere darmiyaan )

 

कितना पावन रिश्ता है, तेरे मेरे दरमियां।
प्रेम का सागर भरा है, तेरे मेरे दरमियां।

खुशबू सी महकती, खिल जाती फिजाओं सी।
मुस्कुराना गजब है तेरा, सावन की घटा सी।
दिल के जुड़े तार सभी, रोशन हो जलता दिया।
प्यार की सरिताएं बहती, तेरे मेरे दरमियां।
तेरे मेरे दरमियां

सुंदरता की मूरत हो, तुम बेहद खूबसूरत हो।
मनभावन बयार बसंती, भोर का शुभ मुहूर्त हो।
मर्यादा शील गुणों से, मोह लेती मन रसिया
खुशियों की फुलझड़ियां चले, तेरे मेरे दरमियां।
तेरे मेरे दरमियां

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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