Gau puja par kavita

गोपाष्टमी का पावन पर्व | Gau puja par kavita

गोपाष्टमी का पावन पर्व

( Gopashtami ka pawan parv )

 

 

गोपाष्टमी का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जाता,

द्वापर-युग से चला आ रहा यह बात सब जानता।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को आता,

इस रोज़ पूजन और प्रार्थना की जाती है गौमाता।।

 

इस गाय को हमारी संस्कृति में पवित्र माना जाता,

जिसकी वजह से ऋषियों ने इसे अपनें संग रखा।

समुन्द्र मंथन में निकली थी यह कामधेनु गौ माता,

इस बात का वर्णन हमनें श्रीमद्भागवत में है देखा।।

 

वें भगवान श्रीकृष्ण भी करतें थे गौमाता की सेवा,

जिससे उनको मिलता था माखन मिश्री ‌एवं मेवा।

ग्वाले बनकर के जातें थे वो उनको खेतों में चराने,

सखाओ के साथ कर लेते गिरधर गोपाल कलेवा।।

 

इस दिन प्रातः काल गायों को स्नान कराया जाता,

तत्पश्चात आकर्षक श्रृंगारकर उन्हें सजाया जाता।

गंध पुष्पों से पूजन करके भोजन इन्हें दिया जाता,

ग्वालों को उपहार भेटकर सम्मानित किया जाता।।

 

अंत में गौमाता की चरणरज सिर पे लगाया जाता,

ऐसा करनें से सौभाग्य में वृद्धि कार्य सफल होता।

दूध दही घी का सेवन कर इन्सान मालामाल होता,

हर लेते हरि कष्ट एवं पीड़ा जो सेवा इनकी करता।।

 

 

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

 

Similar Posts

  • बुजुर्ग ठंडी छांव | Buzurg Thandi Chhaon

    बुजुर्ग ठंडी छांव ( Buzurg thandi chhaon )    बगिया को महकाने वाले, प्रेम सुधा बरसाने वाले। घर में रौनक लाने वाले, संस्कार सिखलाने वाले। आओ कर ले उनका वंदन लाड प्यार दुलार जो देते, जीवन को संवार वो देते। कदम कदम पे बने सहारा, खुशियों का उपहार जो देते। आओ कर ले उनका वंदन…

  • जीवन-भाग-1

    जीवन-भाग-1 हम अपने जीवन मेंचले जा रहें है कोईदौड़े जा रहे तो कोईदिशाहीन से भटक रहे हैआखिर हम सब जाकहां रहे हैं? मंज़िल कीतलाश है राह दिखती नहींराह तो है पर मंजिलनिश्चित नहीं राह औरमंज़िल दोनों है पर गति नहींआखिर क्या करे ?कैसी ये पहेली है किजीवन जीते सब हैंपर विरले ही जीवनअपना सार्थक जीते…

  • चंद्रयान चंद्र पर | Chandrayaan Chandra par

    चंद्रयान चंद्र पर ( Chandrayaan Chandra Par )    चंद्रयान चंद्र पर पहुंचा प्यारा ध्वज तिरंगा लहराया। अधरो पे मुस्कान मोहक खुशियों का मौसम आया। राष्ट्रहिंद का विश्व पटल पर विजय शंखनाद हुआ। वैज्ञानिक उपलब्धि पाये शुभ कर्म निर्विवाद हुआ। आज वतन की रग रग में गौरव लालिमा छाई है। चंद्रयान सफल रहा मन में…

  • सी आर पी एफ जवान हूॅं | CRPF Jawan

    सी आर पी एफ जवान हूॅं ( CRPF jawan hoon )   जो ख़्वाहिशें है हमारी उनको पूरी करने में रहता हूॅं, दिन-रात का पता ना चलता बस लिखता-रहता हूॅं। परिस्थिति ख़राब होने पर भी घबराया ना करता हूॅं, एक पहचान बनानें को ज़िद्दी रस्तें चलता-रहता हूॅं।। कभी कहानी कभी कविता मुक्तक दोहे लिखता हूॅं,…

  • स्वर्ग-नर्क | Poem in Hindi on Swarg narak

    स्वर्ग- नर्क ( Swarg – Narak )   स्वर्ग है या नर्क है कुछ और है ये। तूं बाहर मत देख तेरे ठौर है ये।। तेरे मन की हो गयी तो स्वर्ग है। मन से भी ऊपर गया अपवर्ग है। आत्मतत्व संघत्व का सिरमौर है ये।। तूं बाहर० मन की अभिलाषा बची तो नर्क है।…

  • तर बतर. | Tar Batar

    तर बतर. ( Tar batar )    घुल जाने दो सांसों मे सांसे अपनी यूं ही ये जिंदगी तर बतर हो जाए तेरी बाहों के आलिंगन मे रहूं सदा तेरे साए मे जिंदगी बसर हो जाए न खौफ जमाने का सताए मुझे न कभी दूर तू जाए मुझसे धड़कते रहें यूं ही दिल हरदम शिकवा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *