Geet Aao Hum Rangon mein Doobe

आओ हम रंगों में डूबे | Geet Aao Hum Rangon mein Doobe

आओ हम रंगों में डूबे।

( Aao hum rangon mein doobe ) 

 

होलिया में आया रे निखार,
आओ हम रंगों में डूबें।
लहंगा नया रे जालीदार,
आओ हम रंगों में डूबें।

रंगों की बौछार,फागुन की मस्ती,
पियो तू आँखों से डूबे न कश्ती।
खुलके करो रे! सब प्यार,
आओ हम रंगों में डूबें।
होलिया में आया रे निखार,
आओ हम रंगों में डूबें।
लहंगा नया रे जालीदार,
आओ हम रंगों में डूबें।

ऊपर -ऊपर रंग लगाओ,
नीचे ऊ चाहे तो ही लगाओ।
बढ़ाओ रे पिचकारी की धार,
आओ हम रंगों में डूबें।
होलिया में आया रे निखार,
आओ हम रंगों में डूबें।
लहंगा नया रे जालीदार,
आओ हम रंगों में डूबें।

उठती जवानी कोरा बदन है,
काबू में नाहीं देखो अगन है।
खुल के करो रे इकरार,
आओ हम रंगों में डूबें।
होलिया में आया रे निखार,
आओ हम रंगों में डूबें।
लहंगा नया रे जालीदार,
आओ हम रंगों में डूबें।

 

रामकेश एम.यादव (रायल्टी प्राप्त कवि व लेखक),मुंबई

यह भी पढ़ें :-

कैसे मनाऊँगी मैं होली | Kavita Kaise Manaungi main Holi

Similar Posts

  • चिंता की रेखाएं | Chinta par kavita

    चिंता की रेखाएं ( Chinta ki rekhayen )   जीवन पथ है सरल,सरस कोमल किसलय सा फिर मधुर जीवन क्यों ,हो जाता है विषमय सा   खिच जाती है आर ,पार जीवन के पथ पर दिख जाती है खिंची, तनी उभरी मस्तक पर   कहती करुण असहन, वेदना मनुष्यता का जीवन-सुख बिनु तड़प, तड़प मन…

  • राम वैभव | Ram Vaibhav

    राम वैभव ( Ram vaibhav )   वैदेही अनुपमा,राम वैभव आधार जनक दुलारी महिमा अद्भुत, प्रातः वंदनीय शुभकारी । राम रमाकर रोम रोम, पतिव्रता दिव्य अवतारी । शीर्ष आस्था सनातन धर्म, सुरभि संस्कृति परंपरा संस्कार । वैदेही अनुपमा,राम वैभव आधार ।। मृदु विमल अर्धांगिनी छवि, प्रति पल रूप परछाया । प्रासाद सह वनवास काल, अगाथ…

  • निंदा से मन मलीन | Man Maleen

    निंदा से मन मलीन ( Ninda se man maleen )    करना चाहो जगत में पुण्य के सब काम करो। निंदा करके तुम खुद को यूं ना बदनाम करो। क्यों मन मलीन करते हो क्या ठहरा पानी है। निंदा करना नीचता की बस एक निशानी है। क्यों कलह करते हो तुम खड़ी दीवार ढहाते हो।…

  • आओ जी लें प्रेम से कुछ पल

    आओ ,जी लें प्रेम से कुछ पल अंतस्थ वृद्धन अंतराल , निर्मित मौन कारा । व्याकुल भाव सरिता, प्रकट सघन अंधियारा । पहल कर मृदु संप्रेषण, हिय भाव दें रूप सकल । आओ, जी लें प्रेम से कुछ पल ।। भीगा अंतर्मन संकेतन, जीवन पथ रिक्ति भाव। अस्ताचल स्वप्न माला, धूप विलोपन छांव । अब…

  • पता नहीं क्यों | Pata Nahi Kyon

    पता नहीं क्यों ( Pata nahi kyon )    घर छोटा कमरे भी कम थे रिश्ते नाते सब चलते थे फिर भी प्रेम बाकी था पता नहीं क्यों पति-पत्नी में प्यार बड़ा था एक दूजे को खूब समझा था आज खड़े हैं कोर्ट के द्वारे पता नहीं क्यों बहन भाई के झगड़े होते थे आपस…

  • दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार

    दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार दीपावली है दीपोत्सव का सबसे प्यारा त्यौहार,दीपक जलाकर इसे मनाता हैं देखो सारा संसार।जगमगाता है जग, दीपक की ज्योति की लौ से,दीप जलाते,खुशी मनाते हैं, है रंगोली की भरमार।। दीपावली सनातनियों का है सबसे प्यारा त्यौहार,जग के अंधकार मिटाता है होती रोशनी की भरमार ।बुराई से अच्छाई की विजय कर घर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *