Ghazal Aankhon se

आंखों से करती जादू है | Ghazal Aankhon se

आंखों से करती जादू है

आंखों से करती जादू है
दिल होता यूं बेकाबू है

सांसें महके तुझमें हर पल
उड़ती जो तेरी ख़ुशबू है

देख रहा है दूर खड़ा वो
आ के बैठा कब पहलू है

कब फ़ूल दिया है उल्फ़त का
मारा नफ़रत का चाकू है

बात न की आज़म यूं तुझसे
कड़वी बातें करता तू है

शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें :-

तेरे सिवा | Tere Siva

Similar Posts

  • पुण्य

    केशव अपने शिक्षक साथियों के साथ बस से रामेश्वरम मंदिर घूमने जा रहे थे। रास्ते में एक टी पॉइंट (Tea Point) पर बस रोककर ड्राइवर बोला- “हम इस टी पॉइंट पर 15 मिनट रुकेंगे। आपको जो खाना-पीना है, खा लीजिए। टॉयलेट होकर आना हो तो हो आइये। इस समय दोपहर का 1:00 बज रहा है।…

  • अंतिम चांस | Antim Chance

    वैसे उन्हें गुरु जी कहते थे। कहें भी क्यों नहीं जो उन्ही के ही मार्गदर्शन में तो कई उच्च अधिकारी बन गए थे । परंतु भाग्य की विडंबना कहे या कर्मों का फल जो कुछ भी कह लें कई बार तो एक नंबरों से ऐसे लुढ़क पड़ते थे जैसे कोई पहाड़ी से फिसल गया हो।…

  • कुंडली | Kundli

    अभि (अभिमन्यु) और प्रिया (सुप्रिया) की प्रेम कहानी वास्तव में एक अद्भुत और सुंदर दास्तान है जो हर किसी के दिल को छू जाती है। उनका प्यार इतना सच्चा और गहरा था कि वह हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता था। वे दोनों एक दूसरे के लिए बनें थे। उनका प्रेम एक दूसरे के…

  • बभ्रुवाहन-एक योद्धा

     # कहानी_से_पहले_की_कहानी                           ★★  महाभारत के बाद मुनि वेदव्यास और श्री कृष्णजी ने धर्मराज युधिष्ठिर से राज्य के उत्थान हेतु अश्वमेध यज्ञ करने का आह्वान किया। अश्वमेध यज्ञ अर्थात विजय-  पर्व,सुख समृद्धि की कामना और खुद को विजेता घोषित करने का उपक्रम। युधिष्ठिर…

  • अछूतो का भगवान | Kahani Achuto ka Bhagwan

    चारों तरफ मैले कुचैले कपड़े पहने बच्चे दिखाई दे रहे थे । बदबू ऐसी आ रही है कि एक-दो मिनट बैठना मुश्किल है । कैसे रहते होंगे ये लोग ? क्या लोगों की जिंदगी ऐसे भी हो सकती है ?जहां जानवर भी ना रहना चाहे वहां मनुष्य रह रहे हैं। सुरेश को आज नींद नहीं…

  • कैसे करें गर्व देश पर | Kaise Karen Garv Desh Par

    कैसे करें गर्व देश पर ( Kaise Karen Garv Desh Par ) हो कैसे स्वतंत्रता दिवस का अभिमान? हो रहा जब अपने ही देश में, डॉक्टर बेटियों का अपमान! नारा देते बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ, आत्म निर्भर उनको बनाओ। पढ़ लिख डाक्टर बन जाती, क्या मिल पाता उनको आत्म सम्मान? लोगों की जान बचाने ख़ातिर जन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *