kin-hathon-mein-desh-surakshit

कैसे करें गर्व देश पर | Kaise Karen Garv Desh Par

कैसे करें गर्व देश पर

( Kaise Karen Garv Desh Par )

हो कैसे स्वतंत्रता दिवस का अभिमान?
हो रहा जब अपने ही देश में,
डॉक्टर बेटियों का अपमान!

नारा देते बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,
आत्म निर्भर उनको बनाओ।
पढ़ लिख डाक्टर बन जाती,
क्या मिल पाता उनको आत्म सम्मान?

लोगों की जान बचाने ख़ातिर
जन सेवा करती,भूल ऐशो-आराम।
छत्तीस घंटे सेवा देकर भी भक्षकों,
अत्याचारियों से न बचा पाती अपनी जान।

नहीं सुरक्षित देश की नारी,
करते विचरण स्वतंत्र देश में,
खुलेआम आज भी व्यभिचारी।
स्वतंत्र नहीं,स्वच्छंद हो गये,
भूल गए हम नैतिकता सारी।

बलिदानों से क्रांतिकारियों के
मिल गयी स्वतंत्रता,मान सम्मान,
पर आज़ादी का मतलब क्या
ये आज भी क्या हम सके हैं जान?

होगा नहीं हमें इस स्वतंत्रता दिवस पर
देश पर गर्व और अभिमान,
जब तक नहीं रूकेगा देश में,
नारी का दमन ओर अपमान!

Shuman Sharma

सुमन शर्मा

यह भी पढ़ें :-

मूल पंजाबी कविता: रणधीर | अनुवादित: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक

Similar Posts

  • “प्रेशर”

    शिक्षक-अभिभावक मीटिंग में एक पिता अपने बेटे को पीट रहा था। प्रिंसिपल सर ने उस व्यक्ति से पूछा- “क्या हुआ? बेटे को क्यों मार रहे हो?” “क्यों न मारू इसे? पूरे साल ट्यूशन पर हजारों रुपए खर्च किये लेकिन इसके दिमाग में कुछ घुसता ही नहीं है। देखो, इसके वार्षिक परीक्षा में कितने कम नंबर…

  • भूरिया तू क्यो बदल गया

    भूरिया से मुलाकात करीब दस महीनों पहले हुई थी.. कोरोना ने दस्तक दे दी और दुनिया रुक गयी.. थम गई.. कुछ दिन तो मैं घर मे ही रहा मगर फिर मैंने सांझ होते ही पैदल घूमना शुरू किया.. पैदल.. नंगे पाँव। हर रोज छह किलोमीटर.. एक तय जगह तक रोज जाना और फिर घर लौट…

  • दीपक का उजाला | Laghu Katha Deepak ka Ujala

    गाँव के किनारे एक छोटा-सा स्कूल था। इस स्कूल के शिक्षक, नाम था आचार्य देवदत्त, अपने समय के सबसे विद्वान और सरल हृदय व्यक्ति माने जाते थे। उनकी उम्र लगभग 60 वर्ष हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने कभी खुद को रिटायर करने की बात नहीं सोची। उनका मानना था कि सच्चा शिक्षक तब तक शिक्षित…

  • अति शीघ्रता | Laghu katha in Hindi

    अति शीघ्रता  ( Ati shighrata ) शशि ने पति की गाड़ी पर बैठे बैठे एक व्यक्ति को तेज रफ्तार गाड़ी चलाते हुए देखा उसकी मोटरसाइकिल का साइड स्टैंड लटक रहा था उसने पति से कहा थोड़ा तेज चला कर इसे आगाह कर दो पति ने वैसा ही किया जैसे ही उससे कहा l अपना स्टैंड…

  • रॉंग नंबर (PART-2 )

    रॉंग नंबर (PART-2 )     हर हर महादेव             ★■★■★■ महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर बम भोले के जयकारे लगाते हुए हम लोग चल पड़े।हमने किराए पर लोडर बुक किया था जिसका खर्च 150₹/व्यक्ति आया। हमने पहले ही उस पर पुआल बिछा दी थी ताकि हमे धक्के न लगें और…

  • काल | प्रेरक कहानी

    एक मनुष्य शहद बेच रहा था । उसने शहद से भरी उंगली को दीवार से पोछ लिया। दीवार पर शहद लगने की देर थी कि उसकी खुशबू पाकर एक मक्खी उस पर आ बैठी और आंखें बंद करके शहद खाने लगी। अभी शहद खा ही रही थी कि एक छिपकली ने देख लिया कि यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *