फ़लक से क़मर को उतारा कहाँ है

फ़लक से क़मर को उतारा कहाँ है || Hindi Ghazal on Life

फ़लक से क़मर को उतारा कहाँ है

( Falak Se Kamar Ko Utara Kahan Hai )

 

फ़लक से क़मर को उतारा कहाँ है
अभी उसने ख़ुद को सँवारा कहाँ है

उदासी में डूबी है तारों की महफ़िल
बिना  चाँद  के ख़ुश नज़ारा कहाँ है

हुआ जा रहा है फ़िदा दिल उसी पर
अभी  हमने उसको निखारा कहाँ है

है बरसों से कब्ज़ा तो इस पर हमारा
ये दिल अब तुम्हारा तुम्हारा कहाँ है

फ़साने में तन्हा हो तुम ही तो रोशन
कहीं  नाम  इसमें  हमारा  कहाँ  है

लबों को सिया अपने इस वास्ते ही
तुम्हें  मेरा  लहजा  गवारा कहाँ है

भरोसा है तुझ पर बड़ा हमको साग़र
किसी  और  को  यूँ  पुकारा कहाँ है

 

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
( शाने-हिंद सम्मान प्राप्त )
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003

 

फ़लक-आसमान ,गगन
क़मर-चाँद ,शशि
फ़िदा-क़ुर्बान ,आशिक़
रोशन-प्रकाशमान ,प्रदीप्त
गवारा-स्वीकार, पसंद

यह भी पढ़ें : 

Ghazal | हमें न ज़ोर हवाओं से आज़माना था

Similar Posts

  • प्यार की दिल में कसक रही | Kasak Shayari

    प्यार की दिल में कसक रही ( Pyar ki dil mein kasak rahi )   कान में चूड़ी की खनक रही प्यार की दिल में कसक रही सांस में महक प्यार से उठी आज वो गुलों में लचक रही वो नहीं आये है सनम मिलने राह उसी की अब तलक रही इश्क़ में गिरफ़्तार दिल…

  • रुलाती हमको | Ghazal Rulati Humko

    रुलाती हमको ( Rulati Humko ) खिलातीं रोज़ गुल ये तितलियाँ हैं हुई भँवरों की गुम सब मस्तियाँ हैं हमारे साथ बस वीरानियाँ हैं जिधर देखो उधर तनहाइयाँ हैं ग़ज़ब की झोपडी में चुप्पियाँ हैं किसी मरते की शायद हिचकियाँ हैं रुलाती हमको उजड़ी बस्तियाँ ये कि डूबी बारिशों में कश्तियाँ हैं मुसीबत में नहीं…

  • तुम ही मेरी ह़सरत हो | Hasrat Shayari

    तुम ही मेरी ह़सरत हो ( Tum hi Meri Hasrat Ho ) तुम ही मेरी ह़सरत हो।तुम ही मेरी चाहत हो। तुम ही हो कशमीर मिरा।तुम ही मेरी जन्नत हो। तुम ही हो मुस्कान मिरी।तुम ही मेरी नख़वत हो। तुम को कैसे भूलूं मैं।तुम ही दिल की राह़त हो। तुम ही हो गुलशन की छब।तुम…

  • आवाज़ मिला दी मैंने | Awaaz Mila di Maine

    आवाज़ मिला दी मैंने ( Awaaz Mila di Maine ) ज़िन्दगी उसके मुताबिक ही बना दी मैंनेउसकी आवाज़ में आवाज़ मिला दी मैंने इसलिए चेहरे पे रहता है तबस्सुम मेरेदिल दुखाती थी जो वो बात भुला दी मैंने ज़िन्दगी ऐसे मुहाने पे ले आई मुझकोआग अपनी ही तमन्ना में लगा दी मैंने उनका दीदार किसी…

  • बिगाड़ देती है | Ghazal Bigaad Deti Hai

    बिगाड़ देती है ( Bigaad Deti Hai ) बड़े बड़ों को ये चाहत बिगाड़ देती है ये होशमंदो को दौलत बिगाड़ देती है बढ़ावा दो न शरारत को तुम तो बच्चों की कि उनको बेजा हिमाक़त बिगाड़ देती है तुम्हारे दीद की हसरत हमेशा ही रहती हमें ये वस्ल की आदत बिगाड़ देती है गुज़रता…

  • करवाचौथ का | Karwa Chauth Ka

    करवाचौथ का दिख रहा दीवाना जन-जन तुमको करवा चौथ काभरना होगा आज दामन तुमको. करवा चौथ का हाथ खाली आ गये लाये नहीं उपहार कुछध्यान तो रखना था साजन तुमको करवा चौथ का कर दिया क्या क्या निछावर मैंने तुम पर प्यार सेयाद दिलवायेगा दर्पन तुमको करवा चौथ का प्यार से पानी पिलाना खोलूँगी उपवास…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *