हिंदी भाषा

Hindi Bhasha Par Kavita | हिंदी भाषा

हिंदी भाषा

( Hindi Bhasha )

 

बनाओ मिल, हिंदी को जग में महान।
जगत गुरु कहलाने वाला,
पंचशील फैलाने वाला।
वेदों में भरा ज्ञान ।‌
बनाओ मिल हिंदी को,जग में महान।।

 

तुलसी सूर और मीरा बाई,
कबीर नानक दादू गुसाईं।
मुनियों ने किया ध्यान ।।
बनाओ मिल हिंदी को जग में महान।।

 

आर्य विवेकानंद सरस्वती,
ठाकुर बंकिम चंद्र चटर्जी।
ऐसे थे विद्वान।।
बनाओ मिल हिंदी को जग में महान।।

 

गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी,
रामकृष्ण से अंतर्यामी।
जन जन के भगवान।।
बनाओ मिल हिंदी को जग में महान।।

 

हिंदी भाषा हिंदुस्तानी,
महिमा इसकी सब जग जानी ।
“जांगिड़”कर गुणगान।।
बनाओ मिल हिंदी को जग में महान।।

?

कवि : सुरेश कुमार जांगिड़

नवलगढ़, जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

गणपति वंदना | Ganpati Vandana

Similar Posts

  • अध्यापिका | Adhyapika

    अध्यापिका ( Adhyapika )    अध्यापिका हो मेरी आप ही सबसे खास, आपने ही कराया मुझे जीवन का अभ्यास, आपने ही दिखाया मुझे मंजिल का रास्ता, आप ही हो मेरे लिए सबसे बड़ी फरिश्ता | आप ही मेरी राह हो, आप ही मेरी चाह हो आप ही मेरी भक्ती,आप ही मेरी शक्ती हो आप से…

  • श्वेत वर्ण | Kavita Shwet Varn

    श्वेत वर्ण ( Shwet varn )    पावन वर्ण श्वेत को मानो प्रतीक शांति का सारा। सादगी सुचिता सौम्यता वर्ण बहती प्रेम की धारा। धवल वस्त्र धारणी वीणावादिनी कमलासिनी। शब्दों का भंडार देती मां वागेश्वरी वरदायिनी। निर्मल मन विचार उच्च उज्जवल हो मनोभाव। शांत स्वभाव धैर्य धर सब श्वेत वर्ण का प्रभाव। त्रिदेवों में देव…

  • राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम | Rashtrapati Abdul Kalam par kavita

    राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम ( President Dr Abdul Kalam )   मानवता के आप मसीहा माननीय कलाम। शत शत वंदन आपको आदाब और सलाम।   राष्ट्र हितेषी राष्ट्रपति रहे देश प्रेमी किरदार। युवाओं के प्रेरक आप नव ऊर्जा के भंडार।   मिसाइल मैन कहलाते भारत रत्न महान। राष्ट्रपति पद को सुशोभित राष्ट्र की पहचान।  …

  • विचारों का है प्रकटीकरण | Poem vicharo ka hai prakatikaran

    विचारों का है प्रकटीकरण ( Vicharo ka hai prakatikaran )   श्राद्ध पक्ष पूर्वजों को समर्पण पुरखों को कर दो तर्पण कुआं ताल पर जल अर्पण उड़द चावल से, आमंत्रण कुशा पैती किया धारण काले तिल मंत्र है उच्चारण दे रहे उन्हें है निमंत्रण अग्रजो का करें अनुकरण पूर्वजों का यह है स्मरण विश्वास लिए…

  • तुम्हारा साथ और तुम

    तुम्हारा साथ और तुम मैंने हमेशा प्रयत्न किया,अपने अनुराग को पारावार देने का,एवं उसकी नीरनिधि में समाने का,तुम्हारे चेहरे की आभा,और उस पर आईहँसी कोकायम रखने का,किन्तु-मैं हमेशानाकामयाब रही,क्योंकि–तुम मुझे एवं मेरे प्यार कोसमझ ही नहीं पाये।तुम मेरीभावनाओं में लिप्त,परवाह कोभांप न सके,मालूम है कि-हमेशा साथ संभव नही,फिर भी मैंने हमेशा ढूंढ़ी तलाशी,तुम्हारे साथ रुक…

  • प्यारा भास्कर | Poem on sun in Hindi

    प्यारा भास्कर ( Pyara bhaskar )   रोज़ाना निकलता आसमान चीरकर, अंधेरा मिटाता आता प्यारा भास्कर। ख़ुश होते सब सूर्य नारायण देखकर, वन्दना करों सूरज को जल चढ़ाकर।। देता सारे जग को प्रकाश, उजियारा, हर लेता यह सारे ब्रह्मांड का अंधेरा। प्यारी- प्यारी भोर लगे बहुत निराली, सवेरे सवेरे सुहानी लगती यह लाली।। नदियों का…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *