बापू 

जन-जन प्रेरक बापू नाम | Jan-Jan Prerak Bapu Naam

जन-जन प्रेरक बापू नाम

( Jan-Jan Prerak Bapu Naam )

रघुपति राघव राजा राम,
पतित पावन सीता राम–2
अमर सदा गाँधी का नाम,
जपते राम अहिंसा काम-2
रघुपति राघव——–

सत्य, धैर्य,प्रिय राम का नाम,
व्यक्तित्व रहा चलता अविराम।
सत्याग्रह आंदोलन ठान,
आजाद कराया हिन्दुस्तान ,
जीवन रहा जेल के नाम ,
जन-जन प्रेरक बापू नाम।
बापू जपते राम का नाम,
जीवन पर्यन्त अहिंसा काम।
रघुपति राघव——

मीठी मुस्कान बिना हथियार,
अंग्रेजों पर घातक वार ,
मुश्किल सहना था हर वार,
गया अहिंसा से सब हार।
स्वतंत्रता संग्राम की, की अगुवाई,
दुश्मन से अपनी लोहा मनवाई,
सब कुछ किया देश के नाम,
जीवन पर्यन्त अहिंसा काम।
रघुपति राघव——2

प्रतिभा पाण्डेय “प्रति”
चेन्नई

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • आया सावन झूम के | Geet Aya Sawan Jhoom Ke

    आया सावन झूम के ( Aya Sawan Jhoom Ke ) ( 1 )    इठलाता बल खाता आया झूमता मदमाता आया। झूम झूमकर सावन आया हरियाला सावन हर्षाया। आया सावन झूम के लहर लहर लहराता सा रिमझिम रिमझिम बरखा लाया। उमड़ घुमड़ छाई बदरिया अंबर में बादल घिर आया। फूल खिले चमन महकाया बहारों ने…

  • गणेश जी महाराज | Ganesh ji Maharaj

    गणेश जी महाराज ( Ganesh ji maharaj )   विघ्नहर्ता मंगलकारी विनायक आओ आनंद करो गजानंद गौरी सुत प्यारे आकर प्रभु भंडार भरो   यश वैभव गुणों के दाता प्रथम पूज्य महाराज जग की पीर हरो गौरी सुत सफल करो सब काज   रिद्धि सिद्धि लेकर आओ, आओ गजानंद प्यारा हाथ जोड़कर खड़े प्रभु, सजा…

  • नव दीप जला लो | Nav Deep Jala lo

    नव दीप जला लो ( Nav deep jala lo )   आ रही दीवाली की बेला आ रही दीवाली की बेला, हर्ष उल्लास और खुशियों का अब लगेगा रेला, नव दीप जला लो… निराशा उदासी और अंधकार का हो जाएगा खात्मा, प्रफुल्लित मन से पुलकित हो जाएंगी हर आत्मा, नव दीप जला लो… इस बेला…

  • फागण में उड़े रे गुलाल | Phagun ke Rajsthani Geet

    फागण में उड़े रे गुलाल ( Phagun mein ude re gulal )    फागण में उड़े रे गुलाल लो रंग छायो केसरियो झूम झूम नाचे नरनार रंगीलो आयो फागणियो फागण में उड़े रे गुलाल झूम झूमके मस्ती में गाएं इक दूजे को रंग लगाएं चंग बांसुरी संग बजाए रसिया होली तान सुनाएं भर पिचकारी मोहन…

  • जब छाई काली घटा

    जब छाई काली घटा जब छाई काली घटा, उमड़ घुमड़ मेंघा आए। रिमझिम बदरिया बरसे, उपवन सारे हरसाए। जब छाई काली घटा घन गाए बिजली चमके, नेह बरसे हृदय अपार। मूसलाधार बूंदे पड़ रही, सावन की मधुर फुहार। ठंडी ठंडी मस्त बहारें, भावन अंबर में छाई घटा। दमक रही दामिनी गड़ गड़, व्योम में बादल…

  • आचरण | Acharan

    आचरण ( Acharan ) राम कृष्ण हनुमान की करते सब बातें। करे नहीं अमल पर उनके आचरणों को।। आये जब संकट तो याद आये हनुमान। हे संकट मोरचन तुम हरो हमारे कष्ट। मैं अर्पित करूँगा तुम्हें घी और सिंदूर। सुख शांति मुझे दो मेरे पालन हार।। बात करें जब भी हम मर्यादाओं की। याद आ…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *