विनोद भूरा

जन्म दिवस

जन्म दिवस

( शुभ जन्म दिन शनिवार 8 फरवरी )

जन्म दिवस विनोद भूरा का,
मंगलमय हो ईश l
वह तो नित उन्नति करें,
दया करो प्रकृति ll

जन्म दिवस के साथ ही,
खुशियां रखिये खूब l
धीरे-धीरे ही मिले,
मन माफिक महबूब ll

सदा स्वस्थ सुन्दर रहें,
प्यारे समाज सेवी विनोद भूरा l
उनसे ही उत्तम बने,
ईश्वर हर परिवेश ll

प्यारा प्यारा जन्म दिन,
लाए खुशियाँ साथ l
ईश्वर विनती कर रहा,
दया करो हे! भोलेनाथ ll

शनिवार है दिन भाला,
देता शुभ आशीष l
मस्त रहें विनोद भूरा जी,
यही आज बक्शीश ll

बीएल भूरा भाबरा

जिला अलीराजपुर मध्यप्रदेश

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • अनमोल सुख | Anmol Sukh

    अनमोल सुख ( Anmol sukh )    एक दिन पुष्प पूछ बैठा माली से ऐ माली इक बात बताओ सारा दिन मेहनत करते हो खून पसीना इक करते हो तभी ये बगिया खिलती है हरियाली यहां दिखती है। कभी निराई,कभी गुड़ाई कभी पौधों को पानी देते डाल कभी खाद- मिट्टी में तुम पौधों को पोषण…

  • शायद | Shayad

    शायद ( Shayad )   शायद दिल को खबर मिली है मेरे लिए जिम्मेदरियों की कली खिली है दिल को कुछ हो रहा अहसास है अब इस आंगन से विदाई पास है मां की डांट भी अब मिलेगी कैसे मेरे इंतजार मे राह भी तकेगी कैसे भाई के शरारतों से बेखबर होंगे जाने वहाँ दिन…

  • महात्मा गौतम बुद्ध | Gautam Buddha par kavita

    महात्मा गौतम बुद्ध ( Mahatma Gautam Buddha )    अनेंक विद्वानों को जिसने अपना गुरू बनाया, वह सिद्धार्थ से महात्मा गौतम बुद्ध कहलाया। राज काज युद्ध की विद्या एवं शिक्षा भी लिया, गुरुदेव विश्वामित्र से वेद और उपनिषद् पाया।।   बचपन से ही हृदय में जिनके करुणा भरी थी, किसी जीव की पीड़ा इनसे देखी…

  • Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -आफर

    आफर ( Offer )   क्या  कोई  ऐसा  भी  है  जो, दुखी  हृदय  घबराए। प्रेम दिवस पर मुझे बुलाकर,पिज्जा, केक खिलाए।   इससे  पहले  भाग्य  अभागा, सिंगल  ही मर जाए। फोन  करे  हुंकार  को  पहले, आकर  आफर पाए।   आँखों  मे  आँखो  को  डाले, मन  की  बात  करेगे। पुष्प  गुलाब  का  तुम  ले आना, बालों…

  • Holi Kavita | होली के त्यौहार पर कविता

    होली ( Holi )   रंग-बिरंगे रंगों का त्यौहार है होली फागुन का सजीला सिंगार है होली बेरंग ज़िंदगी में फिर लाई बहार है होली प्राणियों में बसा सच्चा प्यार है होली । रंग-बिरंगे रंगों का त्यौहार है होली ।।   बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है होली राधा-कृष्ण के प्रेम का अमर…

  • नई शुरुआत

    नई शुरुआत ( Nayi Shuruaat ) ***** सदैव कठिनाइयों से भरी होती है, शनै: शनै: सहज होती जाती है। फिर एक दिन- कली, फूल बन खिल जाती है, बाग बगिया को महकाती है; सुरभि फिजाओं में दूर तक बिखर जाती है। आकर्षित हो लोग खिंचे चले आते हैं, सौंदर्य/सफलता देख मंत्र मुग्ध हो जाते हैं।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *