जाइए सो जाइए

जाइए सो जाइए | Jayie so Jayie

जाइए सो जाइए

( Jayie so Jayie )

छोड़िए भी अब ज़राफ़त जाइए सो जाइए।
हो गयी काफ़ी शरारत जाइए सो जाइए।

जानेमन जान-ए-मसर्रत जाइए सो जाइए।
बन्द कीजे बाबे उल्फ़त जाइए सो जाइए।

नींद सा आराम दुनिया की किसी शय में नहीं
नींद है अल्लाह नेअ़मत जाइए सो जाइए।

मैं तो पागल हूं न कीजे होड़ मेरी जाने मन।
उड़ न जाए रुख़ की रंगत जाइए सो जाइए।

हो न जाए जागते ही जागते मुतलक़ सह़र।
मानिए भी रश्के जन्नत जाइए सो जाइए।

जागने के जानेजानां सैकड़ों नुक़सान हैं।
हो न जाए कोई दिक़्क़त जाइए सो जाइए।

हम ही लुटकर रह गए ख़ामौश तो बोलेगा कौन।
अब न कहना जाने राह़त जाइए सो जाइए।

कब तलक सुनते रहेंगे आप हमको ऐ फ़राज़।
कीजिए आराम ह़ज़रत जाइए सो जाइए।

सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़

पीपलसानवी

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