Jeth ki Dupahari

जेठ की दुपहरी | Jeth ki Dupahari

जेठ की दुपहरी

( Jeth ki Dupahari )

 

तू चलना मत छोड़ना,
आगे बढ़ना मत छोड़ना।
सफलता मिले या ना मिले,
पीछे मुड़कर कभी ना देखना।।

तू परेशानियों से ना घबरा,
जेठ की दुपहरी से मत कतरा।
डगमगा मत अपनें पाँवो से,
दौड़ता चल अपनी रफ्तार से।।

तू दौड़ में प्रथम भले ही ना आए,
तू सबको पीछे भले ही ना छोड़े।
तुझे दौड़ में ज़रूर सम्मिलित होना,
गिर जाऐ फिर भी वापस खड़े होना।।

ज़िंदगी में बहुत सारी परीक्षाएं होगी,
अड़चनें और रूकावटे भी कई होगी।
लेकिन याद रखना आज जो आगे है,
वही कल तुझसे पीछे ज़रूर होंगें।।

यही विधि का विधान है,
और मेंहनत वालों की जीत है।
आज हवा इधर से चल रही है,
तो कल हवा उधर से भी ज़रुर चलेगी।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • कम खाना और ग़म पीना | Kam Khana aur Gam Peena

    कम खाना और ग़म पीना ( Kam khana aur gam peena )    अपने इस स्वास्थ्य को बेहतर सभी रखना, खानें के लिए नही जीने के लिये है खाना। पाचनशक्ति ठीक व वज़न को कम रखना, सदा कम ही खाना एवं यह ग़म पी जाना।। बिना दवाईयों के सबको पेट ठीक रखना, स्वयं समझदार बनकर…

  • शीत | Hindi muktak

    शीत ( Sheet )   सर्द हवाएं ठंडी ठंडी तन ठिठुरन सी हो जाती है कंपकंपी छूटती तन बदन में सर्दी खूब सताती है ठंडा माह दिसंबर का सर्दी का कोप बड़ा भारी कोहरा धुंध ओस छा जाये बर्फबारी हो जाती है।   बस दुबके रहो रजाई में अलाव कहीं जला देना स्वेटर मफलर कोट…

  • वाणी और पानी -ध्रुव-1

    वाणी और पानी – ध्रुव-1 वाणी की मधुरताहमारे ह्रदय द्वारको सही सेखोलने की कुंजी हैपानी जीवन पर्यन्तहमारे साथ सदैवरहने वाला होता हैवह हमारे जीवन मेंरिश्ते भी काफीमहत्वपूर्ण होते हैंपहन ले हम चाहेकितने भी क़ीमतीवस्त्र या आभूषणपर वाणी बता देती हैकि व्यक्ति कितने पानी मेंजैसे कोयल और कागदिखते एक जैसेबोल मीठे सुनकोयल के दिल जीत लेतेपर…

  • नजारा | Kavita Nazara

    नजारा ( Nazara ) रंग बिरंगी प्रकृति देखो, यौवन के मद मे झूमे, पर्वत पेंड़ों की ये श्रंखला, आकाश नारंगी को चूमें, हरित धरा पर सुमन खिले हैं, बनी मेखला गलियारा, कौन भला इस यौवन पर नही है अपना हिय हारा, अरुणोदय मे अस्ताचल का, अद्भुत देख नजारा, कुछ और देर को ठहर मै जाऊं,…

  • सारा आकाश हमारा है | Kavita sara akash hamara hai

    सारा आकाश हमारा है ( Sara akash hamara hai )     उत्साह उमंगे उर भर लो सुंदर सारा नजारा है साहस भरकर देख लो सारा आकाश हमारा है   बुलंदियों की ओर बढ़ो हौसलों के साथ चलो लक्ष्य साध लो जीवन में तूफानों के संग पलो   संघर्षों से ही मंजिल का मिलता हमें…

  • sad shayari in hindi -तुम भी मुझसे उतने ही दूर हो

    तुम भी मुझसे उतने ही दूर हो ( Tum Bhi Mujhse Utne Hi Door Ho )   तुम भी मुझसे उतने ही दूर हो जितना आकाश धरती से दूर है   जैसे दुर्लभ है धरती और आकाश का एक हो जाना वैसे ही हम दोनों का मिल पाना दुसाध्य है   दूर से ही तुम्हें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *