जिंदगी में कोई ऐसा मेरी दामन भेज दें
जिंदगी में कोई ऐसा मेरी दामन भेज दें

जिंदगी में कोई ऐसा मेरी दामन भेज दें

 

 

जिंदगी में कोई ऐसा मेरी दामन भेज दें

उम्रभर के ही लिये ही ऐसी दुल्हन भेज दें

 

ख़ुशबू से जिसकी मेरा आंगन ख़ुशी से ही महके

जिंदगी में कोई ऐसा ए रब गुलशन भेज दें

 

कर किसी में देख ली है नफ़रतें मैंने बहुत

जिंदगी में प्यार का कोई भरा मन भेज दें

 

है ख़ुदा फ़रयाद तुझसे मेरे दिल  की बस यही

ये करम कर जिंदगी से दूर दुश्मन भेज दें

 

मुफ़लिसी में जी ली है मैंनें बहुत जिंदगी

जिंदगी में मेरी अब तो ए ख़ुदा धन भेज दें

 

जुड़ गया है उससे रिश्ता ही मुहब्बत का अब तो

तू उसे अब प्यार का अपनें ही कंगन भेज दें

 

ए ख़ुदा भीगे मुहब्बत से सदा तन आज़म का

प्यार का वो जिंदगी में मेरी सावन भेज दें

 

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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