Kavita Bina Soche Samjhe

बिना सोचे समझे | Kavita Bina Soche Samjhe

बिना सोचे समझे

( Bina soche samjhe ) 

 

कहां जा रहे हो

किधर को चलें हो

बिन सोंचे समझे

बढ़े जा रहे हो।

 

कहीं लक्ष्य से ना

भटक तो गये हो !

फिर शान्त के क्यों

यहां हम खड़े हो!

 

न पथ का पता है

न मंजिल है मालुम

दिक् भर्मित होके

चले बढ़ चले हो!

 

उद्देश्य क्या है?

जिए जा रहे हो

खा पीकर मोटे

हुए जा रहे हो !

 

बहुतों ने आया

जीवन बिताया

दिया क्या किसी को

जो सबने है पाया!

 

गये छोड़ धन और

दौलत भी सारा

कौन याद करता

फिर तुमको दुबारा।

 

देना गर है तो

कुछ दे जाओ ऐसा

सभी का हो जीवन

अनमोल जैसा।

 

( अम्बेडकरनगर )

यह भी पढ़ें :-

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस | Netaji Subhash Chandra Bose par Kavita

Similar Posts

  • बंधु अपने दिल की सुन | Geet

    बंधु अपने दिल की सुन ( Bandhu apne dil ki soon )   चल राही तू रस्ता चुन, बंधु अपने दिल की सुन। बंधु अपने दिल की सुन,बंधु अपने दिल की सुन। अपनी धुन में बढ़ता जा, उन्नति शिखर चढ़ता जा। आंधी से तूफानों से, हर मुश्किल से लड़ता जा। हौसला करके बुलंद, गा मस्ती…

  • दुख के राह हजार हैं

    दुख के राह हजार हैं दुख के राह हजार हैं सुख की कोई राह नहीं क्यों अन्तर में पलता है विकट वेदना चाह नहीं। कुमुद निशा में लेटी है चंचलता बस खेती है सारे द्रुम विश्वास टिके हैं मन में क्यों वैराग्य नहीं। दूर दृष्टि में छोड़ गये हैं बन्धन सारे तोड़ गये हैं कितना…

  • प्राइवेट नौकरी | Private Naukari

    प्राइवेट नौकरी ( Private naukari )    यूं लगता है बंद पिंजरा उस पंछी को तड़पाता है। यूं लगता है उमड़ा सावन फिर से लौट जाता है। यूं लगता है लटक रही हो ज्यों चांदी की तलवार‌। संभल संभल कर चलते जाने कब हो जाए वार। यूं लगता है स्वाभिमान का कत्ल नहीं हो जाए।…

  • सात्विक गौरव के है ये पल

    सात्विक गौरव के है ये पल निशांत बच्छावत के 16 वाँ जन्मदिन पर मेरे भाव- पूर्वजों के पुण्य – पुंज और आशिर्वाद के निहितार्थ वात्सल्यमय निशांत के जन्मदिन के शुभ – दिवस पर उसको स्नेहासिक्त जीवन के “प्रदीप “ पाने की शुभकामनाएँ । सात्विक गौरव के है ये पलपुरुषार्थ का मिला जो सुफलव्यक्तित्व द्वय को…

  • सभी के लिए | Sabhi ke Liye

    सभी के लिए ( Sabhi ke Liye )   चमकना है अगर जीवन में तो हर ताप को सहना होगा कहीं राम को श्याम, तो कहीं श्याम को राम कहना होगा जीवन पथ पर चलना होगा मौसम में भी हर मौसम है शामिल युग में भी हर युग के कर्म हैं दया ,धर्म ,क्षमता ,आतंक…

  • 2623 वां महावीर जन्म कल्याणक दिवस

    2623 वां महावीर जन्म कल्याणक दिवस   भगवान महावीर का ध्यान धरे । सुप्त चेतना को जगाये । आत्मा की उज्जवलता को पाये । भगवान महावीर का ध्यान धरे । अब भोर भई उठ जाग जाये । क्यों आँख मूंदकर सोये । आया है यह शुभ दिन । क्यों वक्त कीमती हम खोये । भगवान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *