Kavita Chhota sa Basta

छोटा सा बस्ता | Kavita Chhota sa Basta

छोटा सा बस्ता

( Chhota sa Basta )

 

मांँ मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

मांँ मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

बस्ता दिला दे मांँ,बस्ता दिला दे

बस्ता ले जाऊंगी मैं स्कूल जाऊंगी

मां मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

मां मुझे छोटा सा पेन दिला दे

मां मुझे छोटा सा पेन दिला दे

पेन ले जाऊंगी मैं लिखकर आऊंगी

मांँ मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

मांँ मुझे छोटी सी पुस्तक दिला दे

माँ मुझे छोटी सी पुस्तक दिला दे

पुस्तक ले जाऊंगी मैं पढ़कर आऊंगी

मां मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

मांँ मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

मैं स्कूल जाऊंगी अफसर बन जाऊंगी

मैं स्कूल जाऊंगी अफसर बन जाऊंगी

अफसर बनूंगी रक्षा सबकी करुंगी

मां मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

माँ मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

मैं स्कूल जाऊंगी डॉक्टर बन जाऊंगी

मैं स्कूल जाऊंगी डॉक्टर बन जाऊंगी

डॉक्टर बनूंगी इलाज सबका करूंगी

मां मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

माँ मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

मैं स्कूल जाऊंगी टीचर बन जाऊंगी

मैं स्कूल जाऊंगी टीचर बन जाऊंगी

टीचर बनूंगी सबको पढ़ाऊंगी

मां मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

 मां मुझे छोटा सा बस्ता दिला दे

Anita Singh

अनीता सिंह
शिक्षक, वि.ख.करेली
जिला-नरसिंहपुर

यह भी पढ़ें :

तारों की महफ़िल | Kavita Taaron ki Mehfil

 

Similar Posts

  • Ja-Ra-Mat Bhojpuri Kavita -जरअ मत !

    जरअ मत !  ** (भोजपुरी भाषा में) ******   ना त राख हो जइब, कोयला नियर खाक हो जइब। बाॅडी मास ( Body, Mass ) सब हो जाई हवा, एकर नइखे कवनो दवा। इ प्रकृति के नियम बा- जे जरी ऊ साफ होई, जरला पर राख होई। हवा उड़िया ले जाई, अस्तित्व तोहार मिटाई। त…

  • सोच रही शकुंतला | Soch Rahi Shakuntala

    सोच रही शकुंतला ( Soch rahi shakuntala )   जल में रख कर पाव सोच रही शकुंतला ले गए ओढ़नी मेरी दे गए गहरी पीर मोहे कब आओगे प्रियवर तकत राह ये नैन हूं अधीर बेचैन जल लेने को आई थी जल नैनों से छलके रे विरहन इस अगन को जल से ही शीतल करे….

  • पायल | Payal geet

    पायल ( Payal )   बजे पायल की झंकार मन मेरा डोल उठा मन मयूरा नाचे ताल गीत मेरा बोल उठा   करे घुंघरू खूब धमाल दीवानों को घायल रुनझुन रुनझुन की तान छेड़ती है पायल   पैरों का करे सिंगार प्रियतम झूम उठा चमके चांदी की पायल जमाना घूम उठा   मदमस्त बहारें मोहक…

  • माँ | Maa pe kavita

    माँ ( Maa )   कद्र करो उस मां की नौ महीनें तक रखा अपने गर्भ मे उम्र भर रखा जिसने ममता कीगोद में ताउम्र रखा अपने दिल में तेरी ये दौलत तेरी ये शोहरत तेरे यह कीमती सारे लिबास जिसमें ना हो मां का आशीष और आशीर्वाद मां बिना सारे बेगाने बेजार खुशियां यह…

  • आजादी का अमृत उत्सव | Poem azadi ka amrit utsav

    आजादी का अमृत उत्सव (  Azadi ka amrit utsav )   आजादी का अमृत उत्सव, घर में चलो मनायेंगे। पापा ला दो एक तिरंगा, गीत वतन के गायेंगे।। वीर शहीदों की कुर्बानी, फिर से याद करेंगे हम भारत माँ की जय जयकार, मिलकर आज कहेंगे हम रंगोली तोरन हारों से, आँगन खूब सजायेंगे। पापा ला…

  • मृत्यु का भोज | Mrityu bhoj par kavita

    मृत्यु का भोज ( Mrityu ka bhoj )    मानों बात आज नव युवक लोग, बन्द कर दो यह मृत्यु का भोज। चला रहें है इसको ये पुराने लोग, आज तुम सभी पढ़े-लिखे लोग।।   जीवित पिता  को एक रोटी नही, मृत्यु पर जिमाते आप लोग कई। अपना समय तुम सभी भूल गये, खिलाते थें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *