दया/करुणा

Karuna par Kavita | दया/करुणा

दया/करुणा

( Daya Karuna )

 

परमपिता वो परमेश्वर,
दयासिंधु  वो  करतार।

उसकी करुणा से ही,
चलता सारा संसार।

 

ऐसी  प्रज्ञा  दो  प्रभु  जी,
मन न आए कलुष विकार।

दया धर्म से भरा हो जीवन,
प्रवाहित हो करुण रसधार।

 

दीन दुखियों के रक्षक तुम
हो  जगत्  के  पालन  हार।

जल थल गगन में तुम्हारी सत्ता,
तुमसे  ही  चलती  शीतल बयार।

कवयित्री: दीपिका दीप रुखमांगद
जिला बैतूल
( मध्यप्रदेश )

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