गठबंधन | Kavita Gathbandhan

गठबंधन

( Gathbandhan )

तेरे मेरे मिलन से
हम लोग खुश है।
मानो जैसे जिंदगी अब
करीब आ गई हो।
जतन किये थे हमने
इसलिए मिल गये हो।
और मेरी जिंदगी में
फूल खिला दिये हो।।

प्यार मोहब्बत करते नही तो
हम दोनों मिल नहीं पाते।
जिंदगी की हकीकत को
हम समझ नही पाते।
और जीवन साथी हम
कभी बन नहीं पाते।
और हम दोनों शयाद
एकाकी जीवन बिताते।।

संसारिक जीवन जीने को
हमसफर तो एक चाहिए।
जो कदम से कदम मिलाकर
साथ निभाये उम्र भर।
और बनकर मेरी संगनी
धर्म निभाये वो अपना।
इसी तरह की जोड़ी को
सब लोग कहते गठबंधन।
हमसब कहते गठबंधन।।

Sanjay Jain Bina

जय जिनेंद्र
संजय जैन “बीना” मुंबई

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