मनुष्य जीवन | Kavita Manushya Jeevan

मनुष्य जीवन

( Manushya Jeevan )

मानव जीवन की गाथा
तुमको सुनता हूँ।
जीवन का एक सत्य
तुमको बताता हूँ।
मानवता का दृश्य भी
तुमको दिखता हूँ।
किस्मत का भी खेल
तुमको बताता हूँ।।

आया हो संसार में
लेकर मानव जन्म।
पूरब भव में तुमने
किये थे अच्छे कर्म।
इसलिए तो तुमको
मिला है मानव जन्म।
अब निर्भर करता है
कैसे जीओगें तुम।।

जीवन में तुम देखो
होती बहुत परीक्षा।
किन-किन में देखो
होते हो कैसे पास।
कठिन साधना त्याग तपस्या
करना इसमें पड़ता।
तब जाकर दुनिया में
मनुष्य रह पाता है।।

Sanjay Jain Bina

जय जिनेंद्र
संजय जैन “बीना” मुंबई

यह भी पढ़ें :-

श्रोताओं का आनंद | Kavita Shrotaon ka Anand

Similar Posts

  • गुरुर | Gurur

    गुरुर ( Gurur )  ( 2 )    समझ ले कोई प्रेम को हर किसी के वश की बात नही मित्रता मे भी कृष्ण जैसी सुदामा से कोई मुलाकात नही… महज ,प्रेम को ही प्रेम कह देना ये तो सांसारिक दिखावा है यादों की तड़प मे दिल रहे मगरुर यही तो गर्व से कहने का…

  • चाहता हूँ | Ghazal chahta hoon

    चाहता हूँ ( Chahta hoon )     प्यार का अपने पिला दे ए सनम पानी मुझे तू बना ले ज़िंदगी भर के लिये जानी मुझे   प्यार की करके फुवारे हर किसी पर हाँ मगर नफरतें हर शख्स के दिल से करनी  फ़ानी मुझे   इसलिये ही बढ़ गयी रिश्ते वफ़ा में दूरियां दे…

  • एंटीबायोटिक से बचें | Kavita

      एंटीबायोटिक से बचें ******* शहद को एंटीबायोटिक से ज्यादा बेहतर बताया गया है, आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विद्वानों ने इसका खुलासा किया है। यदि सर्दी खांसी ज़ुकाम हो! तो एंटीबायोटिक के बदले बुजुर्गो के सुझाए, सदियों पुराने नुस्खे ही आजमाएं ‌। जी हां, जी हां सही समझा आपने, शहद का ही इस्तेमाल करें। दिन में…

  • मेरा बचपन | Mera bachpan kavita

    मेरा बचपन ( Mera Bachpan )     वो रह रह कर क्यों याद आता है मुझे वो मेरा बचपन जो शायद भूल मुझे कहीं खो गया है दूर वो मेरा बचपन… वो पापा की बातें मम्मी का झिड़कना इम्तिहान के दिनों में मेरा टीवी देखने को ज़िद करना…. कितना मासूम था भोला था वो…

  • हंस लो जरा मुस्कुरा लो | Poem Hans lo Jara

    हंस लो जरा मुस्कुरा लो ( Hans lo jara muskura lo )    हंस लो जरा मुस्कुरा लो जिंदगी है चार दिन की खुशियां तुम मना लो कल किसने देखा है खिली सरसों के जैसे हंसो खिलखिला लो तुम पतझड़ की आंधी में टूट बिखर जाओगे जब यादों के पन्नों मे बस फिर रह जाओगे…

  • प्रभु श्री राम आएंगे | Prabhu Shri Ram Aayenge

    प्रभु श्री राम आएंगे ( Prabhu Shri Ram Aayenge ) कलयुग का कलुष मिटाने ,प्रभु श्री राम आएंगे ऊर्जस्वित अब हर कदम, मुखारबिंद जय श्री राम । दर्शन आतुर नयन पलक, निशि दिन सुबह शाम । सर्वजन संताप हर कर, हर्ष उत्साह उमंग जगाएंगे । कलयुग का कलुष मिटाने, प्रभु श्री राम आएंगे ।। उर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *