Kavita Nari Swaroop

नारी स्वरूप | Kavita Nari Swaroop

नारी स्वरूप

( Nari Swaroop )

 

नारी तू एक मगर रूप अनेक।
नारी तुम्हारी हाथों में ,
घर बाहर दोनों सुसज्जित ।
मां काली सदृश नारी शक्तिशाली ,
महालक्ष्मी घर की बजट करती पेश ।
ऐसी प्रबल नारी को प्रणाम ।
गरिमय व्यक्तित्व को नमस्कार।
नारी शक्ति का तू अभिमान है,
जन-जन का तुम मान-सम्मान है।
जग की तू अभिमान है।
घर में संकट आने पर काली का रूप ,
बच्चों पढ़ने में सरस्वती समान,
हर रूप रंग में घर में विद्यमान।
घर-आंगन की आधार स्तंभ।
तुम ही से इस बगिया की महक।
नारी है तो घर स्वर्ग के समान।
नारी जीवन की प्रमुख प्रकाश स्तंभ।
हे कल्याणी तुम अद्भुत,अनुपम, अजय,
तुम्हारी कर्म क्षेत्र विस्तृत सभी और।
सहनशीलता,करुणा,ममता की प्रतिमूर्ति,
तभी तो जन्मदात्री माता के
रूप में बच्चों का निर्माण।
हे जगत जननी ,मां काली,दुर्गा
सरस्वती,लक्ष्मी रूप में नमन।

 

भानुप्रिया देवी

बाबा बैजनाथ धाम देवघर

यह भी पढ़ें :-

लड़कियों की जिंदगी

Similar Posts

  • भेड़ और भेड़िए Bhed Aur Bhediye

    भेड़ और भेड़िए ( Bhed Aur Bhediye ) भेड़ और भेड़िए का रिश्ताबहुत पुराना हैं आदिम काल सेभेड़ अमूमन भेड़ ही रहीभेड़िए हमेशा भेड़िएबहुत कोशिश के बाद भीउनका कत्ल-ए-आम रुका नहीं हैकुछ भेड़े मिल गई हैं भेड़ियों सेइस उम्मीद मेंकि शायद उनकी जानबख्श दी जाएगीपर वो जानती नहीं थीकि पिछली भेड़ों ने भीयही गलती दोहराई…

  • पूनम का चांद | Poonam ka Chand

    पूनम का चांद ( Poonam ka chand )    आसमान का चांद आज कुछ ऐसा चमचमा रहा है मानो नहा कर चांदनी से बिल्कुल अभी आ रहा है। ए चंदा, चांदी से चमक कर चले हो किस ओर कहीं मिलने तुमसे आज आने वाला है कोई चकोर। फूलों की डाली से झांकते ऐसे लग रहे…

  • चाय के घूंट | Chai ke Ghoont

    चाय के घूंट ( Chai ke ghoont ) चाय के गौरव का क्या कहना,नाम आते ही चेहरे पर शबाब आया।पिलाने वाले साकी की बातनही टाली जाती,करके तौबा इसे पीली जाती है।नीलगिरी की वादियों में हैं,चाय के बागान।सुहाना था इसकी आन‌ शान,रहें थे इक‌ दिन हम इस बाग के –आशियाने में।देखें सुबह की धुंध,बालकनी पर दो…

  • अलसायी सी ललचाई सी | Alsai si lalchai si | Kavita

    अलसायी सी ललचाई सी  ( Alsai si lalchai si )   अलसायी सी ललचाई सी, दंतों से अधर दबायी सी। सकुचाई सी शरमाई सी, मनभाव कई दर्शायी सी।   घट केशु खोल मनभायी सी,अकुलाई सी बलखाई सी। चुपचाप मगर नयनों से वो, रस रंग भाव भडकायी सी।   थम के चले गजगामिनी सी,सौंदर्य निखर के…

  • जन्मदिवस की बधाई अविनाश | Happy Birthday

    जन्मदिवस की बधाई अविनाश ( Happy Birthday Avinash )    सुबह-सुबह तुम्हें एक पैगाम देना है, जन्म दिवस की तुमको बधाई देना है। गुज़रे सारी उम्र आपकी हॅंसी-खुशी से, आपकी सुबह को नया प्रकाश देना है।। सदैव ख़ुश रहो तुम यू ही अविनाश, आज सूर्योदय आपके लिए है ख़ास। गुलाब फूल लिए इन्तजार है तुम्हारा,…

  • धार्मिक बाध्यता | Dharmik Badhyata

    धार्मिक बाध्यता ( Dharmik badhyata )    धर्म से है अगर प्यार तुम्हे तो उसका सम्मान करो। बाध्यता नही है आदर की हक नही तुम्हे अपमान करो… जबरन का सिद्धांत नही शाश्वत है इसका अंत नही बेमन इसका सम्मान करो, इसके लिए तुम बाध्य नहीं… न करो तुम पूजा पाठ भले कौन हांथ पकड़ कर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *