खेल को खेल की तरह लो यार | Khel ko Khel ki Tarah lo

खेल को खेल की तरह लो यार!

( Khel ko khel ki tarah lo yaar )

 

हो रही है तकरार
क्रिकेट पे यार
जीता है आस्ट्रेलिया
भारत गया है हार!
इतनी चिल्लम चिल्ली क्यों
खेल को खेल की तरह देखो…
दो टीमें लड़ेंगी,
तो एक ही जीतेगी!
एक को हारना ही पड़ेगा…
कल ऑसी ने दिखाया दम
हमारी मेहनत थोड़ी पड़ गयी कम!
फिल्डिंग ‘हेड’ की थी जबरदस्त
जिसने ‘रोहित’ का कैच लिया लपक।
हार की यहीं से शुरुआत हुई
जब, 240 पे टीम इंडिया ढ़ेर हुई..
सधे अंदाज से किक्रेट खेला ऑसी ने
उम्दा प्रदर्शन से कप किया झोली में..
बस इतना ही, न कोई पनौती
ना कोई चुनौती
न किसी की कमी
ना कोई देशद्रोही , गद्दार
खेल को खेल की तरह लो यार!

 

लेखकमो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें:-

पुरुष दिवस की बधाई मेरे भाई | Purush Divas

Similar Posts

  • आओ पेड़ लगाए | Kavita Aao Ped Lagaye

    आओ पेड़ लगाए ( Aao Ped Lagaye )   आओ पेड़ लगाए मिल हरियाली हम लाएं। हरी भरी धरती को आओ हम स्वर्ग बनाए। पर्यावरण के बन प्रहरी कुदरत को संभाले। प्राणवायु देते हमें आओ फर्ज को निभा ले। एक आदमी एक पेड़ संकल्प हमको लेना। एक वृक्ष मेरी ओर से भी बढ़कर लगा देना।…

  • दादी की जादुई सीख

    दादी की जादुई सीख दादी ने पोती को गोद में बिठाया,चश्मे से झांककर प्यार से मुस्कुराया“सुनो बिटिया, तीन मंत्र मेरे,जीवन को बनाएंगे रंग-बिरंगे तेरे!”ज़िंदगी में तीन चीज़ें न छोड़ना,हर पल को सुंदरता से जोड़ना। पहला, पहनना सबसे सुंदर वस्त्र,हर दिन लगे जैसे कोई उत्सव मस्त।”चुनरी में तेरी चमकते सितारे हो बुनें,जूतों में बजें जिंगल-जंगल के…

  • महॅंगी हुई तरकारी

    महॅंगी हुई तरकारी आज बेहद-महॅंगी हो गई है देशों में ये तरकारी,क्या बनाएं, क्या खाएं सोच रही घरों की नारी‌।छू रहा दाम आसमान इन तरकारियों का सारी,बढ़ रही है मुसीबतें आम आदमी और हमारी।। कभी सोचूं ये शिकायत करुं मैं किससे तुम्हारी,आलू-प्याज़ ख़रीदना भी आज हो रहा दुश्वारी।ग़रीब अमीर जिसे रोज़ खाते आज़ दे रहें…

  • चुनाव

    चुनाव सही व्यक्ति को – – – – – – ज्यों ज्यों चुनाव आ रहे हैं।नेताजी लाड़ जता रहे हैं। जातिवाद की दुहाई दे रहे ।खुद चरित्र की सफाई दे रहे । वाणी में मधु घुल गया है।ओठों पै गुलाब खिल गया है। दुखती रगें पहचानते हैं।कैसे संतुष्ट करें जानते हैं ? मर्यादाऐं तोड़ रहे…

  • भक्त से भगवान | Poem Bhakt Se Bhagwan

    भक्त से भगवान  ( Bhakt se bhagwan )   भक्त से भगवान का रिश्ता अनोखा होता हैl जब जब बजेगी बांसुरिया राधा को आना होता हैl द्रौपदी की एक पुकार पर वचन निभाना पड़ता हैl लाज बचाने बहना की प्रभु को आना पड़ता हैl मीरा के विश के प्याले को अमृत बनाना पड़ता हैl कृष्ण…

  • ये दुनिया किसी और की है | Ye Duniya Kisi aur ki Hai

    ये दुनिया किसी और की है ( Ye duniya kisi aur ki hai )   कदम -कदम पे जवानी उछाला न करो, खाओ न उबाल क्रोध पाला न करो। मैले न कहीं हो जाएँ रिश्तों के लिबास, इश्क की अर्थी तू निकाला न करो। बदल दो दुनिया की जलती तस्वीर को, जंग में जंग को…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *