Khwab aur khwahishon ke kaidee

ख्वाब और ख्वाहिशों के कैदी | Chhand

ख्वाब और ख्वाहिशों के कैदी

( Khwab aur khwahishon ke kaidee )

 

विधा मनहरण घनाक्षरी

 

ख्वाबों खयालों में तुम,
समय मत गंवाओ।
हुनर प्रतिभा दिखा,
सफलता पाईये।

 

स्वप्न सजाकर कोई,
ख्वाहिशों के कैदी बने।
हकीकत की धरा पे,
संभल के जाइए।

 

तमन्ना और ख्वाहिशों,
के जाल बुनते रहे।
सपने सुरीले कोई,
मधुर सजाइए।

 

कामना उर उमड़े,
इच्छाएं बलवती हो।
प्रेम के मोती जहां में,
प्यार से लुटाइए।

   ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

करें फिर गुलशन को गुलजार | Geet

Similar Posts

  • होली | मनहरण घनाक्षरी | Holi ke chhand

    होली ( Holi )   गोरा गोरा गाल गोरी, राधा रंग ले आओ जी, आओ खेलें संग होली, रंग बरसाइये।   फूलों की होली भावन, मत रंग लगाओ जी, रंगीलो फागुन आयो, मस्ती भर गाइये।   हंसी-खुशी मस्ती छाई, होली आज मनाओ जी, झूम झूम नाचो गाओ, त्योहार मनाइये।   ले पिचकारी रंग की, मोहन…

  • दर्पण | Darpan par Chhand

    दर्पण ( Darpan )   गोरा गोरा गाल गोरी, दर्पण रही निहार। सांवरी सूरत मोहि, मोहन रिझाइए। हाथों में ले गगरिया, गांव चली गुजरिया। दर्पण सा मन मेरा, प्रियतम आइए। चाल चले मतवाली, चंचल नैनो वाली। मन में हिलोरें लेती, आईना दिखाइए। दर्पण दिखा देता है, मन में छिपे भावों को। फागुन महीना आया, फाग…

  • Chhand Shailputri | शैलपुत्री

    शैलपुत्री   मनहरण घनाक्षरी   शैलपुत्री वृषारूढ़ा, गिरिराज प्रिय सुता। त्रिशूलधारी भवानी, दुख हर लीजिए।   मंगलकारणी माता, दुखहर्ता सुखदाता। कमल नयनी देवी, वरदान दीजिए।   पार्वती मां हेमवती, शिव गौरी जगदंबे। यश कीर्ति वैभव दो, माता कृपा कीजिए।   सजा दरबार तेरा, अखंड ज्योति जलती। शक्ति स्वरूपा अंबे, शरण में लीजिए।   रचनाकार : रमाकांत…

  • सुपात्र | Supatra par chhand

    सुपात्र ( Supatra par chhand ) सद्गुणों से भरपूर, कला से हो मशहूर। सुपात्र का हो सम्मान, कदम बढ़ाइए। विनय भाव संस्कार, दूर हो सारे विकार। जग बांटे प्रेम प्यार, उनको बुलाइए। दया धर्म दानशील, शुभ कर्म हो सुशील। गुणी विद्वान मनुज, संग में बिठाइए। कर्मवीर रणधीर, पुरुषार्थी नर वीर। सेवाभावी जान कोई, सम्मान दिलाइए।…

  • शीश शिव गंगा धरे

    शीश शिव गंगा धरे ( छन्द : मनहरण घनाक्षरी ) शीश शिव गंगा धरे ,सब ताप कष्ट हरे,जप नाम शिव प्यारे ,तब होगे काम रे!!!शिव पूजा सब करे ,आज होगे काज पूरे,गुंज रहा सारी सृष्टी,सदाशिव नाम रे !!!शिव प्रिय बिल्व फल ,भक्त लिये गंगाजल,प्रभुल्लित सब चले ,शिवाप्रिया धाम रे !!!शिव पर्व जब आया ,साथ सब…

  • रक्तदान | Raktdan par chhand

    रक्तदान ( Raktdan ) मनहरण घनाक्षरी   रक्तदान महादान, देता है जीवन दान। जीवन बचाएं हम, रक्तदान कीजिए।   आओ बचाएं सबका, जीवन अनमोल है। मानव धर्म हमारा, पुण्य कार्य कीजिए।   सांसो की डोर बचाले, जोड़े रक्त का नाता भी। जरूरतमंद कोई, रक्त दान दीजिए।   किस्मत संवर जाती, भाग्य के खुलते द्वार। परोपकार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *