Laxmi ji par kavita

माता लक्ष्मी जी | Laxmi ji par kavita

माता लक्ष्मी जी

( Mata lakshmi ji ) 

 

मेरे मन-मंदिर में मैया आप करना सदा निवास,

जन्मों-जन्मों से भक्त हूॅं मैं उदय आपका दास।

मुझको है भरोसा आप पर और पूरा है विश्वास,

सुख शान्ति समृद्धि का मेरे घर में रखना वास।।

 

शरद पूर्णिमा के दिन हुआ माता आपका जन्म,

पुराणों के अनुसार महर्षि भृगु एवं ख्याति घर।

देवी दीप्ता वसुन्धरा विष्णुप्रिया पद्मिनी है नाम,

धन रत्नों की देवी ने विवाह किया था स्वयंवर।

 

बरसाते रहना मैया लक्ष्मी मुझ पर ऐसी बौछार,

दिन दोगुनी रात चौगुनी मुझे मिलता रहें प्यार।

कृपा दृष्टि बनाऍं रहना मेंरे सिर पर रखना हाथ,

बाल न बाॅंका कर सकें बनकर रहना हथियार।।

 

कुमकुम लगे क़दमों से आना माॅं आप मेरे द्वार,

लक्ष्य तक पहुॅंचाने वाली देवी दिन है शुक्रवार।

बिन तेरे सारा जगत है माता निर्धन एवं लाचार,

ज़िंदगी में खुशियाॅं दे जाना भर जाना भण्डार।।

 

दीवाली पर करतें हम सभी लक्ष्मी पूजन ख़ास,

क्षीरसागर में आपका भगवन विष्णु संग वास।

माॅं लक्ष्मी संग कुबेरदेव की पूजा का है विधान,

इस दिन सायं में दीप जलाकर पूजते आवास।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • इस दिल पर पहरा है | Is Dil Par Pahra Hai

    इस दिल पर पहरा है एक रंग एक रूप का इस दिल पर पहरा है उसी दिल का दिया हुआ यह उदासी सा चेहरा है पढ़ना दिल से इस कविता को दिखेगा उसकी दिल पर डेरा है उसने मानी की नहीं मानी मुझे हम सफर पता नहीं लेकिन मैंने माना कि वह सिर्फ मेरा है…

  • साधक शारदे का | Sadhak Sharde ka

    साधक शारदे का ( Sadhak sharde ka )   जो भी लिख लेता हूं आप छाप देते हो। शब्दों का गहरा जादू आप भांप लेते हो। मोती पिरोए माला में शब्द मधुर चुन के। कलम की रफ्तार को आप नाप लेते हो। गीतों के तरानों में रसधार बहा देते हो। मेरे अल्फाजों को तुम हार…

  • विश्वासघात | Vishwasghaat kavita

    विश्वासघात ( Vishwasghaat )   छल कपट विश्वासघात का दुनिया में है बोलबाला हंसों का दाना काग चुग रहे छीने मुंह का निवाला   स्वार्थ सिद्ध करने वाले बोल मधुर से बोल रहे अपनापन अनमोल जता जहर हवा में घोल रहे   दगाबाजी धोखाधड़ी वंचना देशद्रोह और गद्दारी विश्वासघात के रूप कई अपघात और भ्रष्टाचारी…

  • आदिवासी समाज

    आदिवासी समाज संस्कृतिमें हमारीप्रेम अपार है,प्रेम से ही सुगन्धितसारा संसार आदिवासी समाजने पहलकी प्रकृतिकी, प्रकृतिके बिना खवाबोंका नकोई आकार है…”“समय आने परदिखा देना किआपने क्या किया है मानवता की खातिरजरूरत सेज़्यादा मौनआपके पक्ष कोकमज़ोरसाबित करता है…“जंगल के जीवों सेआपका उचित हैव्यवहारजिससे आपके यश काहोता है विस्तार…”“माटी ने आवाज़दी है साथियों, आजफिर एक रण लड़ा जाएप्रकृति…

  • बारह महीनों का संदेश

    बारह महीनों का संदेश जनवरीनव वर्ष का संकल्प लो, बदलें अपने हाल,सर्दी की ठिठुरन में, ढूंढें जीवन का सवाल।नवजागरण का दीप जलाओ, ज्ञान का करो मान,मानवता का पाठ पढ़ें, करें सच्चा अभिमान। फरवरीप्रेम का संदेश लाए, रिश्तों का आधार,दुनिया के हर कोने में, बस हो प्यार ही प्यार।स्वार्थ को हटा कर, दया का दो दान,दिलों…

  • राष्ट्रीय किसान दिवस | चौधरी चरण सिंह जयंती

    राष्ट्रीय किसान दिवस ( National Farmers Day ) (डॉ. बी.एल. सैनी द्वारा) धरती का वीर, अन्नदाता कहलाता, खून-पसीने से हर बंजर को उपजाता। हल की धार और मेहनत का वरदान, किसान है देश का असली सम्मान। सूरज की पहली किरण संग जागे, मेहनत का गीत वो हर पल गुनगुनाए। मिट्टी से जीवन की गाथा लिख…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *