मधुर अहसास | Madhur Ehsaas

मधुर अहसास

( Madhur ehsaas )

 

अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं

मृदुल मधुर अहसास,
विमल उर श्रृंगार ।
चाहत पर राहत,
भाव कूप मन आगार ।
अपनत्व अनूप संबंध,
सादर अर्पित याचनाएं ।
अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं ।।

आकलन निज भूल त्रुटि,
बेझिझक अब स्वीकार ।
दृढ़ संकल्प भावी जीवन ,
अनैतिक कृत्य दुत्कार ।
आदर्श चरित्र कल्पना,
भर सद्गुणी अल्पनाएं ।
अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं ।।

ऊर्जस्वित कदम प्रवेश,
आस्था आराधना स्थल ।
घट पट खोल स्तुति ,
परिवेश आध्यात्म नवल ।
शब्द स्वर मौन भावार्थ ,
स्पंदित संपूर्ण अभ्यर्थनाएं ।
अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं ।।

परमात्मिक मिलन बेला,
दिव्य भव्य सेतु बंध ।
जीव जंतु प्रकृति संग ,
नेह भरा अप्रतिम अनुबंध ।
सेवा समर्पण परिणाम प्रभाव,
परम बिंदु समीप अर्थनाएं ।
अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें:-

परिणय बेला | Parinay Bela

Similar Posts

  • रिश्तों की महक कभी कम ना होने देना | Rishton par Kavita

    रिश्तों की महक कभी कम ना होने देना ( Rishton ki mahak kabhi kam na hone dena )   आज रिश्तों में भी अपनी ईमानदारियां निभाओ, इसमे भी सब अपनी यह जिम्मेदारियां निभाओ। भले विचार मन में लाओ ऐसी प्रेरणा बन जाओ, चाहे ढेरों समस्याएं आए फिर भी साथ निभाओ।। चाहे बेटा-बेटी भाई-बहन या पत्नी…

  • हमारा कश्मीर | Kashmir kavita

     हमारा कश्मीर  ( Hamara kasmir )   –> हमारे कश्मीर की धरती , रानी भारत देश की || 1.वो कश्मीर की यादें, वो सुनहरी वादियाँ | हो रही हों जैसे, बर्फीले पर्वतों की शादियाँ | वो ऊँचे लंबे सीधे-साधे , ब्रक्ष हरे देवदार है | बर्फ से लदे पत्ते, मानो कश्मीर मे त्योहार है |…

  • मिलन की चाह | Chhand milan ki chah

    मिलन की चाह ( Milan ki chah )   मनमीत आओ मेरे, मिलन की घड़ी आई। चाहत की शुभवेला, दौड़े चले आइए।   मौसम सुहाना आया, रूत ने ली अंगड़ाई। मिलन को प्रियतम, प्रेम गीत गाइए।   खुशबू ने डाला डेरा, महका दिल हमारा। लबों पे तराने प्यारे, मधुर सुनाइए।   दिल में उमंगे छाई,…

  • स्मृतियाँ | Kavita Smritiyan

    स्मृतियाँ ( Smritiyan ) स्मृतियों के घने बादल फिर से घिरकर आयें हैं सांध्य आकाश में सांध्य बेला में तारे छिप रहें हैं कभी तों कभी झिलमिला रहें हैं स्मृतियों के घने बादल फिर से घिर रहें हैं घनघोर होगीं फिर वर्षा आसार नजर आ रहें हैं पग चिन्ह हैं तुम्हारे जानें के जो लौटकर…

  • बुरा दौर आने वाला है | Kavita

    बुरा दौर आने वाला है ( Bura daur aane wala hai )   झोंपड़ियों में सुलगती इस आग से, नेताओं का महल रोशन होने वाला है; लाशों  के  ढेर  पर सियासत है चालू लगता है कहीं चुनाव होने वाला है ! अगर तुम आज भी ना बोले तो यह ज़ुल्म यूँ ही बढ़ता जाएगा; ज़ुल्म …

  • शिक्षा

    शिक्षा ** जीवन का अंग है हर प्राणी के संग है जीने का ढंग है जरूरी है मजबूरी है बिना इसके हर जिंदगी अधूरी है। मानव को छोड़ कर सभी प्राणी अपनी संतान को जीवन की शिक्षा उड़ने तैरने शत्रु से बचने की शिक्षा फूलों से शहद बनाने की शिक्षा बिना लिपि भाषा श्यामपट्ट- और…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *