Parinay Bela

परिणय बेला | Parinay Bela

परिणय बेला

( Parinay Bela )

भांवर संकल्पों से,निखर रही परिणय बेला

हिंदू धर्म वैवाहिक बंधन,
मनुज जीवन दिव्य श्रृंगार ।
द्वि पथिक दृढ़ प्रतिज्ञा,
हर पल संग आनंद बहार ।
परस्पर समर्पण पराकाष्ठा,
अंतर उद्गम आनंद नवेला ।
भांवर संकल्पों से, निखर रही परिणय बेला ।।

वैदिक संस्कृति वैवाहिकी,
जन्म जन्मांतर आत्मिक संबंध ।
परम साक्षी पावन अग्नि,
सप्तपदी दैविक सुगंध ।
प्रथम व्रत उपासना तीर्थ,
वर वधु सह कदम सेला ।
भांवर संकल्पों से,निखर रही परिणय बेला ।।

द्वि एक दूज मात पिता आदर,
जीवन पर्यंत रक्षा तृतीय वचन ।
चतुर्थ परिवार दायित्व निर्वहन,
सुखद भविष्य योजन रचन ।
पंचम समानता पूर्ण व्यवहार,
आय व्यय पारदर्शिता हर्ष भेला ।
भांवर संकल्पों से,निखर रही परिणय बेला ।।

घर बाहर हार्दिक मान सम्मान,
षष्ठम संकल्प अनूप रथ ।
पर नर नारी मर्यादित आचरण,
सप्तम निर्मल विमल शपथ ।
दांपत्य प्रेम अभिलाषा नित,
उर सरित प्रवाह खुशियां रेला ।
भांवर संकल्पों से,निखर रही परिणय बेला ।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

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