व्यवहार ( Vyavahar ) बातों से ही तो बढ़ेंगी अपनी बातें हाथों से हि हाथ मिलेंगे तब हमारे तन्हा कटता नहीं सफ़र जिंदगी का रास्ते हि तो बनते हैं रास्तों के सहारे दोस्त न मिले तो दुश्मनों से मिलो, रंजिशें भूलके उनके ही गले मिलो, गर तुम्हें कोई हमदर्द ना मिल सके, तो तुम्हीं…
मेरा प्यारा भारत देश ( Mera pyara bharat desh ) मेरा प्यारा भारत देश सभी देशों मे यह नम्बर एक, मिलकर रहतें हमसब एक इसमें नहीं है कोई भेद। भाषाऍं यहां बहुत अनेंक पर रंग रूप सबका एक, पहनावा भी सबका भिन्न पैदा होता यहां पर अन्न।। हिन्दू, मुस्लिम सिख, ईसाई रहते सभी भाई-भाई,…
मैं उसको ढूँढ रहा हूँ ( Main usko dhund raha hoon ) हम सबकी है वो जान, मेरे प्राणों का वो प्राण , मैं उसको ढूँढ रहा हूँ। वो देखो है दिन – रात, उसकी कोई नहीं है जाति। उसकी मुट्ठी में संसार, जरा वो रहता है उस पार, परिन्दे करते हैं गुणगान,…
एक ही भूल आज बरसों बाद तुम्हारा दीदार हुआ,दूरियाँ बनी हुई थी फिर से प्यार हुआ। लबों को तुम्हारे लबों का स्पर्श हुआ,बदन की महक का यूँ एहसास हुआ। ग़र ये ख़्वाब है तो ख़्वाब ही रहने दो,मैं सो रहा हूँ सोया हुआ ही रहने दो । चली क्यों नही जाती हो मेरी बातों से,जिस…
भारतीय साहित्य अकादमी, (पंजाबी काव्य) 2023 का युवा कवि पुरस्कार विजेता रणधीर की चर्चित काव्य पुस्तक “ख़त जो लिखने से रह गए” में से चुनिन्दा कविताओं का अनुवाद करते हुए प्रसन्नचित हूँ। उनकी यथार्थ से जुड़ी हुई कविताएँ पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करने में समर्थ हैं। समाज की कुरीतियों के सामने नये प्रश्न चिन्ह…