मुलायम सिंह यादव पर लिखी शोक कविता

मन के मुलायम | मुलायम सिंह यादव पर लिखी शोक कविता

मन के मुलायम 

( Man Ke Mulayam )

चल कर अपने जीवन पथ पर
बदला समाज अपने बल पर
निज प्यार लुटाया कर भरकर
की राजनीति खूब चढ़ बढ़कर
अर्पित है सुमन तमाम तुम्हें,
शत्-शत् नमन प्रणाम तुम्हें।

 

साहित्य आपको प्यारा था
शिक्षक  बहुत  दुलारा  था
जन प्यार आपका न्यारा था
जन  धरती- पुत्र  पुकारा था
मिले  स्वर्ग  विश्राम  तुम्हें,
शत्-शत् नमन प्रणाम तुम्हें।

 

बादल भी रोए आज सभी
धरती भीगी भीगी सी लगी
सूरज समेट कर गया तभी
थम रहे न आंसू आज अभी
दे दूं जीवन आयाम तुम्हें
शत्-शत् नमन प्रणाम तुम्हें।

 

आह ! वेदना मिली विदाई
भारत में दु:ख की गम छाई
पीड़ा  भरी घड़ी अब आई
छोड़  चले  संसार  भलाई
ईश्वर! दें सुन्दर धाम तुम्हें
शत्-शत् नमन प्रणाम तुम्हें।

 

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रचनाकार -रामबृक्ष बहादुरपुरी
( अम्बेडकरनगर )

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