Raavan par kavita

महाबली पराक्रमी रावण | Raavan par kavita

महाबली पराक्रमी रावण

( Mahaabali Parakrami Raavan )

 

दसो दिशा में देवलोक तक दशानन करता राज।
स्वर्ण नगरी सोने की लंका लंकेश रावण महाराज।

 

महा पराक्रमी बलशाली योद्धा गुणी पंडित वो सुरज्ञान।
कला कौशल सिद्धियां पाकर हुआ शक्ति का अभिमान।

 

इंद्रजीत अतुलित बल योद्धा रावण सुवन सुकुमार।
भ्राता कुंभकरण बलशाली वैभवशाली भरा दरबार।

 

चारों वेदों का ज्ञाता रावण शिवभक्त साधक आराधक।
रामेश्वरम पूजा करवाई यजमान रामजी वो शिवभक्त।

 

सूर्पनखा की नाक कटी रावण ने सबकुछ जान लिया।
श्रीराम मेरे तारणहारे खुद नारायण ने अवतार लिया।

 

बैर बांध लिया रावण ने हरकर सीता जनक दुलारी।
राम रावण युद्ध हुआ भयंकर मरवा दी सेना भारी।

 

कुल कुटुंब भव पार किया सीधा बैकुंठ सिधार लिया।
नैनो सन्मुख हरि दर्शन खुद नारायण ने उद्धार किया।

?

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

वह बुड्ढा नीम | Kavita woh buddha neem

Similar Posts

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस | Subhash Chandra Bose par Kavita

    नेताजी ” सुभाष चंद्र बोस “ ( Netaji Subhash Chandra Bose )   ।। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।। आजादी का ये नारा बुलंद कर , जन जागृति के लिए भारत में, मातृभूमि भारत स्वतंत्र हो अब यही सपने के साथ सुभाष जी अपना दिन और रात बिताते थे ।। देशभक्त महानायक…

  • लोहड़ी आई रे

    लोहड़ी आई रे लोहड़ी आईसभी जनों बधाईहर्ष उल्लास गाना बजानाखान पान संग होपंजाबी गीत। खूब जलेगीफुले रेवड़ी अग्नि मेंअर्पित होंगे। नाचेंगे सारेमहफिल सजेगीआग के बीच। मुबारक होनव जोड़ो लोहड़ीकी सौगात हो। खुशियों डेराजात पात का भेदमिटाना आज। लोहड़ी आईसुंदरी मुंदरी केगीत गायेगे। लता सेन इंदौर ( मध्य प्रदेश ) यह भी पढ़ें :-

  • अनमोल है बिटिया | Anmol Hai Bitiya

    एक अनमोल रत्न है बिटियाखुशियों की सौगात है बिटिया सुबह की पहली किरण है बिटियाघर आंगन महकाती है बिटिया मां की परछाई होती है बिटियादो परिवारों का मान बढ़ाती है बिटिया सबके मुकद्दर में कहां होती है बिटियामाता-पिता का दुख समझती है बिटिया थोड़ी नटखट थोड़ी शैतान होती है बिटियासंस्कार और शिक्षा से समाज को…

  • बारह महीनों का संदेश

    बारह महीनों का संदेश जनवरीनव वर्ष का संकल्प लो, बदलें अपने हाल,सर्दी की ठिठुरन में, ढूंढें जीवन का सवाल।नवजागरण का दीप जलाओ, ज्ञान का करो मान,मानवता का पाठ पढ़ें, करें सच्चा अभिमान। फरवरीप्रेम का संदेश लाए, रिश्तों का आधार,दुनिया के हर कोने में, बस हो प्यार ही प्यार।स्वार्थ को हटा कर, दया का दो दान,दिलों…

  • कलम तुम्हें मरने ना देंगे | Kalam Tumhe

    कलम तुम्हें मरने ना देंगे ( Kalam tumhe marne na denge )   जब तलक जिंदा है हम, कलम तुम्हें मरने ना देंगे। उजियारे से अंधकार में, कदम तुम्हें धरने ना देंगे। उठो लेखनी सच की राहें, सत्य का दर्पण दिखाओ। कलमकार वाणी साधक, सृजन का दीप जलाओ। चंद चांदी के सिक्कों में, हम धर्म…

  • संभल जा ज़रा | Kavita sambhal ja zara

    संभल जा ज़रा ( Sambhal ja zara ) ए-दोस्त… संभल जा ज़रा पछताएगा,रोएगा अपने किए दुष्कृत्यों पर फिर सोच सोच कर…. अभी समय है बच सकता है तो बच बचा सकता है तो बचा अपनों के अहसासों को अपनों के अरमानों को….. तुमसे ही तो सारी उम्मीदें हैं तुम ही तो पालनकर्ता हो अब तुम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *