मिली जब से मुहब्बत

मिली जब से मुहब्बत

मिली जब से मुहब्बत

मिली जब से मुहब्बत हम सफ़र की बात करते हैं
हुईं पूरी मुरादें , रहगुज़र की बात करते हैं

बड़े नादान है अब पूछते दिल में हमारे क्या
ये दिल हम हार बैठे अब जिगर की बात करते हैं

सफ़ीना आज मेरा जब फँसा है इस भँवर में तो
करें हम याद रब को और लहर की बात करते हैं

अकेला छोड़ के मुझको चला फिर कारवाँ ये तो
सितारे हैं खफ़ा यारा सहर की बात करते हैं

जलायी हैं बहुत ही मोमबत्ती याद में हम तो
जलाने को घिनौने अब बशर की बात करते हैं

लगी कैसी हवा इस गाँव को तो आज देखो तुम
बडे बूढ़े भी सुन अब तो नगर की बात करते हैं

क़फ़स में काट डाला था जिन्हे सैय्याद ज़ालिम ने
नये जो आ गये पंछी के पर की बात करते हैं

मिला है मुद्दतों के बाद देखो वक्त ये मीना
चलो सब कुछ भुलाके आज घर की बात करते हैं

Meena Bhatta

कवियत्री: मीना भट्ट सि‌द्धार्थ

( जबलपुर )

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • अज़ब धोखा हुआ | Dhoka Shayari Hindi

    अज़ब धोखा हुआ ( Ajab dhoka hua )    कल, बुलंदी की तलब में रूह का सौदा हुआ ज़िन्दगी भारी हुई देखो अज़ब धोखा हुआ ॥   राह-ए-उल्फ़त में चले नीयत सदाक़त अर्श पर फिर तभी रुसवाइयों का भी उन्हें ख़द्शा हुआ  ॥   बढ़ रहे बेगार, मुफ्लिश सर- जमीं मक्तल हुई हिल गया रब,…

  • खेल ये है तमाम रोटी का | Roti

    खेल ये है तमाम रोटी का ! ( Khel ye hai tamam roti ka )    सबसे ऊँचा मुक़ाम रोटी का हर कोई है गुलाम रोटी का अर्ज़ है सबके वास्ते कर दे ऐ ख़ुदा इंतज़ाम रोटी का मुफ़लिसों के लबों पे रहता है ज़िक्र बस सुब्ह ओ शाम रोटी का और कोई न कर…

  • अक्ल नहीं है | Ghazal Akal Nahi Hai

    अक्ल नहीं है (Akal Nahi Hai )   अक्ल नहीं है उस जाहिल में खोया दिल उसका ग़ाफ़िल में रब टाल मुसीबत सर पे है जा है मेरी तो मुश्किल में बात छुपा न सनम तू कोई बोल ज़रा जो तेरे दिल में यादों की फुवारे आती है मोज़े उठती जो साहिल में सारे आये…

  • आपकी तस्वीर पर | Aapki Tasveer Par

    आपकी तस्वीर पर ( Aapki Tasveer Par ) लीजिए ऐ रश्के जन्नत आपकी तस्वीर पर।लिख दिया हमने मुह़ब्बत आपकी तस्वीर पर। आप से कैसे कहें हम शर्म आती है हमें।दिल फ़िदा है जाने राह़त आपकी तस्वीर पर। दिल लगाने के लिए है दिल लगाना चाहिए।लोग करते हैं सियासत आपकी तस्वीर पर। जान जाए या रहे…

  • कोई बात नहीं | Koi Baat Nahi

    कोई बात नहीं ( Koi Baat Nahi ) दिल दुखाने की कोई बात नहींदुख न जिसमें हों वो हयात नहीं उनका जाना तो कोई बात नहींऐसा लगता है कायनात नहीं दिल इसी बात से परेशाँ हैएक उसकी ही इल्तिफ़ात नहीं उसने दीवाना कर दिया इतनायाद अब कोई हादसात नहीं चाँद तारे भी तुझको दे देताक्या…

  • सादगी अच्छी नहीं | Saadgi Shayari

    सादगी अच्छी नहीं ( Saadgi Achi Nahi )   हद से ज़्यादा सादगी अच्छी नहीं बेहिसों से बंदगी अच्छी नहीं। पास है दरिया समंदर मांगता देख इतनी तिश्नगी अच्छी नहीं। जानकर सब नासमझ बनता है वो बस अदा उसकी यही अच्छी नहीं तू न हो जिसमें तेरा जलवा न हो मौत सी वो ज़िंदगी अच्छी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *