मुझे दिवाली मनानी है

मुझे दिवाली मनानी है

आओ ना दिकु, ये दिवाली मुझे तेरे संग सजानी है,
तेरी हंसी की रोशनी से हर रात को जगमगानी है।

दीप जलें हैं चौखट पर, तेरे स्वागत की आस में,
अब बस तेरी महक को साँसों में समेट लानी है।

सजाई है रंगोली, जिसमें तेरी छवि उभर आई है,
तेरी यादों की खुशबू से दिल की धड़कन महकानी है।

फूलझड़ी के हर शोर में बस तेरा नाम पुकारूं,
तेरी आँखों में बसी ख्वाहिशों की दिवाली मनानी है।

ये जगमगाती दुनिया भी फीकी लगती है तुझ बिन,
आओ ना दिकु, मुझे मेरे ख्वाबों की हकीकत सजानी है।

तू साथ हो तो त्यौहार भी जैसे सांस लेने लगे,
तेरी आहट से इस रात को फिर से संवार लानी है।

आओ ना दिकु, ये दिवाली तेरे संग सजानी है,
तेरी हंसी की रौशनी से हर अंधेरे की कसक मिटानी है।

आओ ना दिकु, ये दिवाली मुझे तेरे संग सजानी है,
तेरी हंसी की रौशनी से हर रात को जगमगानी है।

कवि : प्रेम ठक्कर “दिकुप्रेमी”
सुरत, गुजरात

यह भी पढ़ें :

Similar Posts

  • जीवन एक संगीत | Kavita Jeevan ek Sangeet

    जीवन एक संगीत ( Jeevan ek Sangeet ) प्रकृति की कण-कण में है संगीत। जीवन के हर क्षण क्षण में है संगीत। वर्षा की गिरती बूंदों में संगीत। बादलों की गर्जनों में संगीत। सर सर बहती हवाओं में संगीत। साज और सुरों के बिना सुना है संसार। मधुर स्वर बहती बांसुरी और सितार में संगीत।…

  • अवशेषी पुस्तिका | Avsheshi Pustika

    अवशेषी पुस्तिका ( Avsheshi Pustika )   ना सारांश ना ही उद्धरण; ना प्रतिमान ना ही प्रतिच्छाया छोटी सी स्मृति भरी अशुद्ध संवेदी अवधारणा हूँ… अप्रचलित परिच्छेदों; त्रुटियों से पूर्ण परित्यक्ता कही जाने वाली अधुरी सी गूढ़ कहानी हूँ… मेरे घटिया शब्दों के प्रत्युत्तर में तुम्हारी सभ्य खामोशी के अर्थ ढूँढने की कोशिश करती सस्ती…

  • आकर्षण है पाप में | Akarshan hai Pap Mein

    आकर्षण है पाप में ( Akarshan hai pap mein )   जीवन की सुख-शान्ति, दग्ध हो जाये न अनुताप में। सदा सजग होकर रहना है, आकर्षण है पाप में। कुत्सित छलनायें आती हैं, कृत्रिम रूप संवार कर। सहज नहीं स्थिर रह पाना, मन को उन्हें निहार कर। एक-एक पग का महत्व है, पथिक सशंकित रहना!…

  • टीम इंडिया को जीत की बधाई

    टीम इंडिया को जीत की बधाई ख़्वाब जिसे सभी ने आँखों में सजाया। टीम इंडिया ने सपना सच कर दिखाया। T20 वर्ल्ड कप चैंपियन खिताब जीतकर, भारत ने विश्व में जीत का परचम लहराया। नहीं है भारतीय किसी भी क्षेत्र में अब पीछे, एक बार फिर इन्होंने साबित कर दिखाया। सभी खिलाड़ियों की काबिलियत देख…

  • अवध पहुंचे राम रघुराई | Awadh Pahunche Ram

    अवध पहुंचे राम रघुराई ( Awadh Pahunche Ram Raghurai )    शुभ बेला आज फिर आई, अवध पहुंचे राम रघुराई। लंका पर विजय जब पाई, घर घर बंट रही मिठाई। दंभ मिटा दशानन सारा, बाण मार पापी को तारा। लंका राज विभीषण दीना, रामनाम महिमा अपारा। रामेश्वर की करी स्थापना, रामसेतु नल नील बनाया। सुग्रीव…

  • तलाश | Talaash par Kavita

    तलाश ( Talaash )   हर्षित मन में उठती लहरें, लगता कोई खास है। जन्मो जन्मो का नाता है, जिसकी हमें तलाश है।   खिल उठा विश्वास मन का, जो अजब एहसास है। ह्रदय के कोने कोने में, मोहक मधुरता का वास है।   लगे सुहानी शाम हर पल, जिंदगी रोशन सारी। ढूंढ रही पलकें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *