नन्हें नन्हें सैनिक है हम | Nanhe Nanhe Sainik hai Hum

नन्हें नन्हें सैनिक है हम

( Nanhe nanhe sainik hai hum )

 

नन्हें नन्हें सैनिक है हम नहीं किसी से कम,
चाहें हम को आजमालो हममें भरा है दम।
छोटे-छोटे पांव हमारे एवम छोटे छोटे हाथ,
छोटी सी यह वर्दी हमारी रहती सदा साथ।।

नन्हें नन्हें सैनिक है हम नहीं किसी से कम,
चाहें हम को आजमालो हममें भरा है दम।
छोटे-छोटे जूतें हमारे छोटा सा है यह बेल्ट,
छोटी सी है टोपी हमारी छोटा सा यह शर्ट।।

नन्हें नन्हें सैनिक है हम नहीं किसी से कम,
चाहें हम को आजमालो हममें भरा है दम।
छोटे-छोटे सपने है पर लक्ष्य बहुत ही बड़ा,
हाथ में गन लेकर रहता हूं ‌सीमा पर खड़ा।।

नन्हें नन्हें सैनिक है हम नहीं किसी से कम,
चाहें हम को आजमालो हममें भरा है दम।
छोटे-छोटे कान हमारे एवम छोटे-छोटे नेत्र,
यहां अनेकों सैनिक भाई हमारे प्यारे मित्र।।

नन्हें नन्हें सैनिक है हम नहीं किसी से कम,
चाहें हम को आजमालो हममें भरा है दम।
छोटे-छोटे नयन हमारे और छोटा सा बदन,
सारा हिन्दुस्तान है यह हमारा प्यारा सदन।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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