Naya Saal Manane Wale Hain

नया साल मनाने वाले हैं | Naya Saal Manane Wale Hain

नया साल मनाने वाले हैं

( Naya saal manane wale hain )

 

नई आशाओं के दीप सजा हम गाने वाले हैं।
नई साल की खुशियों के गीत सुनाने वाले हैं।
नया साल मनाने वाले हैं

झूम झूम कर मस्ती में हम जश्न मनाएंगे ।
नया साल है अभिनंदन हम झूमेंगे गाएंगे।
खुशियों के नए फूल खिल जाने वाले हैं।
नई उमंग के बादल नभ मंडराने वाले हैं।
नया साल मनाने वाले हैं

बंसी की धुन ढोलक हम सितार बजाएंगे।
अपनों की महफिल में हम रसधार बहाएंगे।
नई ताजगी नया रंग अब बरसाने वाले हैं।
मुस्कानों के मौसम ले बदरा छाने वाले हैं।
नया साल मनाने वाले हैं

प्रीत भरी रसधार लिए हम अलख जगायेंगे।
स्वप्न सुनहरे ख्वाब सुरीले पलकें बिछाएंगे।
नए दौर की नई दास्तां नव राह बनाने वाले हैं।
दिल को छू जाए मोहक गीत सुनाने वाले हैं।
नया साल मनाने वाले हैं

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

हंगामा खड़ा कर दिया | Hungama Khada kar Diya

Similar Posts

  • होगा कोई ऐसा पागल | Poem Hoga Koi Aisa Pagal

    होगा कोई ऐसा पागल ( Hoga Koi Aisa Pagal ) होगा कोई ऐसा पागल, जो तुमसे दिल लगायेगा। मोहब्बत तुमसे करके जो, बर्बादी अपनी करवायेगा।। होगा कोई ऐसा पागल—————-।। देख रहा हूँ मैं तुमको, साफ नहीं है दिल तेरा। मोहब्बत है तुमको दौलत से, महलों का है ख्वाब तेरा।। नहीं कोई खुशी हमको, देखकर तेरी…

  • यह कैसी लाचारी है | Kaisi Lachari

    यह कैसी लाचारी है ( Yeh kaisi lachari hai )   यह कैसी लाचारी है, पीर पर्वत से भी भारी है। औरों के खातिर जीना, आज हुआ दुश्वारी है। यह कैसी लाचारी है छल कपट दंभ बैर छाया, झूठ का बोलबाला है। चकाचौंध में दुनिया डूबी, फैशन का हवाला है। लूटमार सीनाजोरी से, हुई त्रस्त…

  • ऐसा न हो कि सारे आसार टूट जाए | Geet Aisa Na Ho

    ऐसा न हो कि सारे आसार टूट जाए   ऐसा न हो कि सारे आसार टूट जाए जो हिस्से में मिली है, दीवार छूट जाए। हम नहीं कहते हैं कि तुम साथ रहो मेरे ऐसा न हो नदी का किनार छूट जाए। लोग तो बहुत मिलेंगे तुझे समझाने वाले ऐसा न हो हँसने का आधार…

  • मन के हारे हार है | Geet man ke haare haar hai

    मन के हारे हार है ( Man ke haare haar hai ) मन के हारे हार है नर मन के जीते जीत मनमौजी मनवा फिरे मन उमड़ती प्रित मनमयूरा झूम के नाचे चलती मस्त बयार है बुलंद हौसला उर भर लो मन के हारे हार है मन के हारे हार है मन मुस्काता मन इठलाता…

  • चेहरा तुम्हारा | Chehra Tumhara

    चेहरा तुम्हारा ( Chehra Tumhara ) बहुत ख़ूबसूरत है चेहरा तुम्हारा।निगाहों की जन्नत है चेहरा तुम्हारा। ये गुस्ताख़ नज़रें,यह क़ातिल तबस्सुम।फिर उस पर तुम्हारा यह तर्ज़-ए-तकल्लुम।यक़ीं तुमको आए न आए यह सच है।सरापा क़यामत है चेहरा तुम्हारा।निगाहों की जन्नत है चेहरा तुम्हारा। नहीं कोई गुल ऐसा दुनिया में दिलबर।नज़र तुम ही आते हो हर शय…

  • यह आग अभी | Geet Yah Aag

    यह आग अभी ( Yah Aag Abhi ) यह आग अभी तक जलती है ,मेरे आलिंगन में। स्वर मिला सका न कभी कोई ,श्वासों के क्रंदन में ।। जब छुई किसी ने अनायास ,भावुक मन की रेखा । दृग-मधुपों ने खुलता स्वप्नों, का शीशमहल देखा। खिल उठे पुष्प कब पता नहीं ,सारे ही मधुवन में।।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *