• डॉक्टरेट महताब ए आज़ाद की कविताएं | Dr. Mahtab Poetry

    हर घर तिरंगा लहराएं जब हर घर तिरंगा है लहराएं।सब मिलकर खुशी के गीत गाएं।।अपने देश का हम मान बढ़ाएं।आओ आजादी का अमृत पर्व मनाएं।। जान से हमको तिरंगा है प्यारा।ऊंचा सदा रहे यह तिरंगा हमारा।।हिंदुस्तान की शान है यह तिरंगा।तिरंगे से लगता हिंदुस्तान न्यारा।। हर कदम पे दुश्मनों को धूल चटाएं।वीरों ने बढ़ते कदम…

  • काश (कांस) के फूल

    काश (कांस) के फूल बचपन से मैनें देखा है,काश के फूलों को खिलखिलाते।सफेद सफेद काश के फूल,हवा के झोकों से लहराते।खेत के मेड़ों में,खुले मैदान पर,नदी किनारे,घाट पहाड़ पर।जब काश के फूल खिलते,वर्षा विदाई का संकेत दे जाते।1। रुई-सी सफेद काश के फूल,धरती का नया परिधान है।अपनी ख्वाहिशों की तरह बिखर जाने का अभिमान है।कोमलांगी…

  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) पंचम दिवस

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) पंचम दिवस भुवाल माता के गीत सब गाओनवरात्रि पर्व आया है – 2भुवाल माता का सब ध्यान लगाओनवरात्रि पर्व आया है – 2भुवाल माता का स्मरण हमे पावन बना देगी ।कर्म का मैल भव भव का , हमारे मिटा देगी ।ज्ञान गंगा से सब नहाओनवरात्रि पर्व आया है – 2आत्मा…

  • भजन – श्री कृष्ण जी का

    भजन – श्री कृष्ण जी का धुन- ( तेरे प्यार का आसरा चाहता हूँवफ़ा कर रहा हूँ वफ़ा चाहता हूँ ) तेरे प्रेम से हर तरफ़ है उजालामेरे नंदलाला मेरे नंदलाला हवाएं भी निर्भर हैं जिसपर जहाँ कीकभी सुध तो ले वो भी आकर यहाँ कीन जाने कहाँ खो गया वंशीवाला ।।मेरे नंदलाला—- परेशान कितनी…

  • गांधीजी के जीवन सिद्धांत

    गांधीजी के जीवन सिद्धांत २ अक्टूबर १८६९ को पोरबंदर में जिसने जन्म लिया,पुतली बाई मां पिता करमचंद ने मोहनदास नामकरण किया,पीर पराई देख जिसकी आंखें और हृदय भर आता था,करूणा दया देख टैगोर ने जिन्हें महात्मा नाम दिया। माता के गुरु श्रीमद राजचंद्र जैन धर्म के अनुयायी थे,गांधीजी के विदेश जाने पर मां के मन…

  • हमें होश ऐसे भुलाए गए हैं

    हमें होश ऐसे भुलाए गए हैं हमें होश ऐसे भुलाए गए हैं।निगाहों से साग़र पिलाए गए हैं। सितम हम पे ऐसे भी ढाए गए हैं।हंसा कर भी अक्सर रुलाए गए हैं। जिन्हें देखकर ताब खो दे ज़माना।वो जलवे भी हम को दिखाए गए हैं। जो चाहो करो हम से बरताव यारो।हम आए नहीं हैं बुलाए…

  • मुलाक़ात कीजिए | Mulaqaat Kijiye

    मुलाक़ात कीजिए ( Mulaqaat Kijiye ) काबू में पहले अपने ये जज़्बात कीजिएफिर चाहे जैसे हमसे मुलाक़ात कीजिए जिस में ख़ुशी हो आप की वोही करेंगे हमज़ाहिर तो अपने आप ख़यालात कीजिए फ़ुर्क़त की धूप सहने- चमन को जला न देशिकवे भुला के प्यार की बरसात कीजिए अफ़साना मत बनाइये छोटी सी बात कामुद्दे की…

  • अपनी हस्ती ही मिटा दी हमने | Apni Hasti

    अपनी हस्ती ही मिटा दी हमने अपनी हस्ती ही मिटा दी हमनेअपने दुश्मन को दुआ दी हमने क्या सज़ा मुझको खुदा कल देगाआज जो ज़ीस्त सजा ली हमने। अपने यारो पे भरोसा करकेअपनी दुनिया ही मिटा दी हमने कोई वादा नही था मिलने काआँख राहों में बिछा दी हमने हाथ अपने ही उठाकर रब सेतेरी…

  • किसी के लिए | Kisi ke Liye

    किसी के लिए ( Kisi ke Liye ) कौन मरता जहाँ में किसी के लिएमर मिटे हम मगर दोस्ती के लिए तुग़लक़ी देते फ़रमान वो हैं सदामारे निर्दोष भी बंदगी के लिए ग़ैर की बाँह में प्यार को देखकरचाँद रोता रहा चाँदनी के लिए आज छाई उदासी चमन में बहुतकोई भँवरा मरा है कली के…

  • अर्जुन कागिया परिवार | Arjun Kagiya Family

    श्री अर्जुन कागिया गांव कागिया छाछरो ज़िला थरपारकर सिंध के पुत्र श्री पूरा की शादी सन् 1847 को गांव भाडासिंधा में श्री सोहजो पुत्र लाखो जोगू के घर श्रीमती बाओली से हुई । जिसकी तीन संतान क्रमश:1, खेतो 2, ठाकरो 3, टोहो हुए जिसमें टोहो की शादी सन् 1875 को गांव बिकलोकर श्रीमती रेखी पुत्री…