• उठाने के बाद | Uthaane ke Baad

    उठाने के बाद ( Uthaane ke Baad ) दिल की महफ़िल से मुझको उठाने के बादकोई रोता रहा मुस्कुराने के बाद उनके तीर – ए – नज़र का बड़ा शुक्रियाज़िन्दगी खिल उठी चोट खाने के बाद हौसलों को नई ज़िंदगी दे गयाएक जुगनू कहीं झिलमिलाने के बाद उसने दीवाना दिल को बना ही दियाइक निगाह…

  • तमाम शख़्स | Tamam Shakhs

    तमाम शख़्स ( Tamam Shakhs ) तमाम शख़्स यूं तो जिंदगी में आए गएबस एक आप ही ऐसे हैं जो बुलाए गए हर उस कहानी को सुनने के तलब-गार हैं हमकि जिस कहानी में हम बेवफ़ा बताए गए के जब भी वसवसे आए हैं काटने को मुझेतुम्हारी याद के लुक़मे उन्हें खिलाए गए बहार आई…

  • इस इश्क़ का | Iss Ishq Ka

    इस इश्क़ का ( Iss Ishq Ka ) इस इश्क़ का कोई भी फ़साना तो है नहींऔर गर हो कोई हमको सुनाना तो है नहीं पैग़ाम मिलता ही नहीं हमको ख़ुशी का यूँऔर ग़म मिले हैं कितने गिनाना तो है नहीं इस ज़िंदगी ने साथ हमारा नहीं दियाहम मुफ़लिसों का कोई ठिकाना तो है नहीं…

  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय दिवस

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय दिवस भुवाल माता पर श्रद्धा में जीवन का सार हैं ।द्वेष को हटाकर आत्मा निर्मल बनने का सार हैं ।चिन्तन बनता स्वस्थ जब आस्था पाती है विस्तार ।भुवाल माता पर श्रद्धा में जीवन का सार हैं ।राग – द्वेष हम कम करे यह है भीतर की आवाजआत्मा तेजस्वी जब…

  • फिर कोई तस्वीर | Phir Koi Tasveer

    फिर कोई तस्वीर ( Phir Koi Tasveer ) आज सतह -ए- आब पर इक अक्स लहराने लगाफिर कोई तस्वीर बन कर सामने आने लगा जब से हम को देखकर इक शख़्स शर्माने लगादिल न जाने क्या हमें मफ़्हूम समझाने लगा खिल उठे हैं जब से मेरे घर के गमलों में गुलाबमेरे घर के रास्तों पर…

  • आपकी तस्वीर पर | Aapki Tasveer Par

    आपकी तस्वीर पर ( Aapki Tasveer Par ) लीजिए ऐ रश्के जन्नत आपकी तस्वीर पर।लिख दिया हमने मुह़ब्बत आपकी तस्वीर पर। आप से कैसे कहें हम शर्म आती है हमें।दिल फ़िदा है जाने राह़त आपकी तस्वीर पर। दिल लगाने के लिए है दिल लगाना चाहिए।लोग करते हैं सियासत आपकी तस्वीर पर। जान जाए या रहे…

  • भगत सिंह परघनाक्षरी

    भगत सिंह पर घनाक्षरी भरी तरुणाई मे वो, देश की लड़ाई मे वो,फाँसी के फंदे मे झूले, पुण्यात्मा महान हैं। वीर वो कहाते हैं जो, जां देश पे लुटाते हैं,ऐसे ही प्यारे भगत, सिंह वो महान हैं। भारत की शान हैं वो, हमारी आन वान हैं,गाता गुणगान सारा, भारत महान है। हैं शहीद वो कहाते,…

  • ज़िन्दगी ढूंढ ही लेगी

    ज़िन्दगी ढूंढ ही लेगी ज़िन्दगी, ढूंढ ही लेगी ।सुखों का द्वार ।खुशी की वज़ह ।सुकून की जगह ।खोया हुआ प्यार ।छूटा हुआ साथ ।मुस्कानों का हार ।बेफ़िक्र दिन रात ।अपनों का साथ ।हां, ज़िन्दगी ढूंढ लेगी । श्रीमती प्रगति दत्तअलीगढ़ उत्तर प्रदेश यह भी पढ़ें :

  • ज़िन्दगी का भी अजब यह रंग है

    ज़िन्दगी का भी अजब यह रंग है ज़िन्दगी का भी अजब यह रंग है ।पास जो जिसके उसी से तंग है ।।१ मैं नहीं कहता हँसी है ज़िन्दगी ।बस अलग जीने का सबका ढ़ंग है ।।२ कर्म को जो दे रहा अंजाम सुन ।वह कहेगा ज़िन्दगी इक जंग है ।।३ जो नही है मानता अब…

  • पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी | Shardha Ram Phillauri

    पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी ( Shardha Ram Phillauri ) हे! संत साहित्य सरोवर के, मैं तुझ पे अभिमान करूँअर्पण करके क़लम मैं तुझको, हृदय से सम्मान करूँ॥ सहज सरल व्यक्तित्व तुम्हारा, साहित्य अद्भुत रचा न्याराबहायी प्रेम की रस-धारा, शत-शत मैं प्रणाम करूँ॥ विश्व-विख़्यात लिखी आरती, सभी के हृदय को जो ठारतीनत-मस्तक हैं सभी भारती, मैं भी…