आस का दामन | Aas ka Daman
आस का दामन ( Aas ka Daman ) आस का दामन, मत छोड़ो । वक्त की तरह, तुम भी दौड़ो । जो टूट गया, फिर से जोड़ो । यदि आस ,तुम्हारी टूट गई । समझो कि, ज़िन्दगी रूठ गई । ख़ुद पर तुम, पूरी आस रखो । सब पाओगे , विश्वास रखो । होगा पूरा,…
आस का दामन ( Aas ka Daman ) आस का दामन, मत छोड़ो । वक्त की तरह, तुम भी दौड़ो । जो टूट गया, फिर से जोड़ो । यदि आस ,तुम्हारी टूट गई । समझो कि, ज़िन्दगी रूठ गई । ख़ुद पर तुम, पूरी आस रखो । सब पाओगे , विश्वास रखो । होगा पूरा,…
आजमा कर छोड़ दिया खिलाड़ी बनना चाहतानिरंतर व्यायाम करतासंतुलित भोजन खाताकिंतु मन में परेशान होताइससे आजमा कर छोड़ दिया। प्रतियोगिताओं में भाग लेतापुरस्कार, मेडल को पातासमाज में गौरव से रहतासबकी आदर्शवान बनतागर्व से आजमा कर छोड़ दिया। शारीरिक थकान दूर होताइसे उत्साह से कार्य करतासही समय पर पूरा करतानित सुझाव की बात बताताअशांति से आजमा…
अरज सुनो माते ( Araj Suno Mate ) हर जनम तुमको मनाती। सर्वस्व को मैं हूँ पाती। इस जनम भी मिला दो मांँ। प्रभु चरण घर दिला दो मांँ । प्राण हीन मैं उनके बिना । मर-मर हो रहा है जीना। खुशी के प्रसुन खिला दो मांँ । प्रभु चरण घर दिला दो मांँ ।…
भारत के त्यौहार ( Bharat ke tyohar ) मेरा भारत देश महान, जिसमे आते त्योहार तमाम । रौनक, खुशियाँ और धूम-धाम, उत्सव से सजी कितनी शाम। दीवाली में दीप हैं जलते, होली में रंग हैं उड़ते। ईद पर सब सिवइयां खाते, क्रिसमस पर हम पेड़ सजाते। हर त्यौहार में है कुछ ख़ास लाते…
इंतज़ार किया ( Intezaar kia ) पूरा तेरा हरिक क़रार किया हमने पतझड़ को भी बहार किया उसके आगे किसी की क्या चलती वक़्त ने जिसको ताजदार किया ज़ख़्मी होकर भी मैं रहूँ ज़िन्दा किस हुनर से मेरा शिकार किया दुखती रग पर ही तुम ने हाथ रखा हाय क्या मेरे ग़मगुसार किया बात उसकी…
गजानन गणेश स्तुति ( Gajanan Ganesh Stuti ) आओ आओ गजानन पधारो आकर घर अंगना मेरा सवारों रिद्धि सिद्धि के तुम हो स्वामी अपने भक्तों को कष्टों से उबारों। भादो मास की चतुर्थी आई शिव गौरी के लाल गजानन पधारो। लड्डू और मोदक का भोग लगायें सजाया है दरबार गजानन पधारो। लाल फूलों संग दूर्वा…
बिगाड़ देती है ( Bigaad Deti Hai ) बड़े बड़ों को ये चाहत बिगाड़ देती है ये होशमंदो को दौलत बिगाड़ देती है बढ़ावा दो न शरारत को तुम तो बच्चों की कि उनको बेजा हिमाक़त बिगाड़ देती है तुम्हारे दीद की हसरत हमेशा ही रहती हमें ये वस्ल की आदत बिगाड़ देती है गुज़रता…
मैं आ रहा हूँ ( Main Aa Rahan Hoon ) कान तरस गए यह सुनने को, “मैं आ रहा हूँ” एक बार तो कह दीजिए प्रभु! “मैं आ रहा हूँ” अँखियाँ बिछा देती मैं राह में, बांवरी मैं हुई आपकी चाह में, कब से राह मैं तक रही हूँ, सहन पीड़ा करने कैसे सक रही…
कुरुक्षेत्र विश्वविधालय, कुरुक्षेत्र के हिन्दी – विभाग में शिक्षक दिवस के अवसर पर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयन्ती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हैदराबाद के मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ० पठान रहीम खान ने कहा कि भारतवर्ष की पुण्यभूमि पर अनेक गुरुओं सन्तों पदार्पण होता रहा…
माटी के गणेश ( Mati Ke Ganesh ) मत फैलाना प्रदूषण तुम पी ओ पी के विचारों का लेकर आना अपने घर पर सिर्फ माटी के ही गणेश ।। माटी ही जग में सुंदर हैं, माटी की ही जब ये काया माटी में निर्मित होता अन्न , माटी से बना संसार सारा ।। माटी से…