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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • आया रक्षाबंधन का पर्व | Kavita Aaya Rakshabandhan ka Parv
    कविताएँ

    आया रक्षाबंधन का पर्व | Kavita Aaya Rakshabandhan ka Parv

    ByAdmin August 19, 2024August 22, 2024

    आया रक्षाबंधन का पर्व ( Rakshabandhan ka Parv ) आया सावन का महीना राखी बांधने आई प्यारी बहना सावन की मस्ती भरी फुहार मधुर संगीत गुनगुनाती मेघो की ढोल ताप पर मां वसुंधरा भी मुस्काती तोड़े से भी ना टूटे जो ये ऐसा मन का बंधन ऐसे प्यारे बंधन को दुनिया कहती रक्षाबंधन तुम भी…

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  • डॉ ऋतु शर्मा ननंन पाँडे की कविताएं | Dr. Ritu Sharma Pandey Poetry
    कविताएँ

    डॉ ऋतु शर्मा ननंन पाँडे की कविताएं | Dr. Ritu Sharma Pandey Poetry

    ByAdmin August 19, 2024January 2, 2025

    ये साल यह साल भी यूँ ही गुज़र जाने वाला हैचुनौतियों से भराकहीं पर युद्ध, तो कहीं बम बारीआने वाले साल में न जाने क्या होगान जाने ग़मों की अन्धेरी रात होगीया सुखों का सवेरा होगाचलो शुक्र है हमको है यह पहले से नहीं पतामिलेगा वही जो भाग्य में है लिखाकुछ न कुछ तो हर…

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  • है डर क्या
    ग़ज़ल

    है डर क्या | Ghazal Hai Dar Kya

    ByAdmin August 19, 2024

    है डर क्या ( Hai Dar Kya ) भला दुनिया से घबरा कर कभी झुकता है ये सर क्या वो अच्छा है तो अच्छा है इसे कहने में है डर क्या । बता दो की रिहाइश मुस्तकिल उसकी है अब ये ही भला नैनो में बस के भी कोई जाता है बाहर क्या। बड़ी मानूस…

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  • Poem on Raksha Bandhan in Hindi
    कविताएँ

    बहना | Kavita Bahna

    ByAdmin August 19, 2024

    बहना ( Bahna ) जीवन को महकाती बहना हर ग़म को सह जाती बहना । मां की ममता स्नेह पिता का सब हम पर बरसाती बहना ।।१। गोद लिए टहलाती बहना अक्षर ज्ञान कराती बहना । डगमग करते पाँव कभी तो उँगली पकड़ चलाती बहना ।।२। गलती पर गुर्राती बहना प्रेम सहित समझाती बहना ।…

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  • Raksha Bandhan Kavita in Hindi
    कविताएँ

    रेशम धागा पहन कर

    ByAdmin August 19, 2024

    रेशम धागा पहन कर पांच बहनो का भईया सजता धजता आज, रेशमी धागा पहन कर ,करता कितना नाज। बचपन की खुशबू भरी,बिखराए सरस धार, पावन सावन पूर्णिमा,नित रक्षा हो हर काज।।1। रिश्तों का बंधन पावन,छलकाता उर प्यार, कच्चे धागे में दिखता, खुशियॉ अपरम्पार। चावल रोली थाली रख, बहना है तैयार, भईया गेह खुशहाल हो,लगे उमर…

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  • कहेगा कौन | Ghazal Kahega Kaun
    ग़ज़ल

    कहेगा कौन | Ghazal Kahega Kaun

    ByAdmin August 19, 2024

    कहेगा कौन ( Kahega Kaun ) ग़ज़ल में क़ाफ़िया उम्दा न शेरों में रवानी है कहेगा कौन तेरी शायरी ये ख़ानदानी है रखी है बाँध के सिर पे वही पगड़ी पुरानी है कहें क्या आपसे ये तो बुज़ुर्गों की निशानी है गया बचपन सुहाना आई है रंगी जवानी ये न जादू की छड़ी कोई न…

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  • संजय जैन की कविताएं | Sanjay Jain Poetry
    कविताएँ

    संजय जैन की कविताएं | Sanjay Jain Poetry

    ByAdmin August 19, 2024April 7, 2026

    जिंदगी की जंग जीवन के दो राह परजिंदगी आकर ठहर गई है।मौत की देहलीज परजिंदगी आकर रुक गई है।। अनुकूल स्थितियाँ न होने परजिंदगी डग मगा गई है।बनी बनाई व्यवस्थाएँजीवन की बिगड़ गई है।। मौज मस्ती से जिये हैजिंदगी में आनंद लिये है।इसलिए पीड़ा को अबसही नही पा रहे है।। जिंदगी की हर जरूरत कोमिलकर…

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  • महेन्द्र सिंह प्रखर की ग़ज़लें
    कविताएँ

    महेन्द्र सिंह प्रखर की कविताएं | Mahendra Singh Prakhar Poetry

    ByAdmin August 19, 2024August 29, 2025

    तेरे दर्शन को है प्यासा देख रहा हूँ राह तुम्हारी , आओ भोले नाथ ।तेरे दर्शन को है प्यासा , बालक यहाँ अनाथ ।। काशी जाऊँ मथुरा जाऊँ , जाऊँ तीरथ धाम ।वन वन खोजूँ तुम्हें पुकारूँ , लेकर तेरा नाम ।।द्वार सभी मैं गया तुम्हारे , देखो दीना नाथ ।तेरे दर्शन को है प्यासा…

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  • डॉक्टर बिटिया रानी थी | Doctor Bitiya Rani Thi
    कविताएँ

    डॉक्टर बिटिया रानी थी | Doctor Bitiya Rani Thi

    ByAdmin August 19, 2024

    ( क्षोम है, दुख है, दुर्भाग्य है…यह कैसी विडंबना! ) डॉक्टर बिटिया रानी थी दिन माह क्षण भूमंडल पर धू धू करती इस अवनी पर आक्रोश, क्लेश संघर्षों का एक पल चैन नहीं मिलता। होना क्या है समय गर्भ में कोई कुछ नहीं कह सकता ऐसा कौन दिन न बिता हो जो, खबर अशुभ नहीं…

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  • चाहने वाले कितने | Ghazal Chahane Wale
    ग़ज़ल

    चाहने वाले कितने | Ghazal Chahane Wale

    ByAdmin August 18, 2024

    चाहने वाले कितने ( Chahane Wale Kitne ) रिन्दो से पूछो न पत्थर हैं उछाले कितने मत गिनो टूटे हैं मय के यहाँ प्याले कितने जोर तूफ़ान का तो शोर कभी लहरों का सीने में ग़म के समंदर है सँभाले कितने कौन सुनता है ग़रीबों की यहाँ पर देखो नज़रें डालो ज़रा पैरों में हैं…

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