• ज़िंदगी के वास्ते | Ghazal Zindagi ke Vaaste

    ज़िंदगी के वास्ते ( Zindagi ke Vaaste ) जब इजाज़त उसने मांगी रुख़सती के वास्ते। कह दिया हमने भी जा,उसकी ख़ुशी के वास्ते। तीरगी फिर भी न मिट पाई हमारे क़ल्ब की। फूंक डाला घर भी हमने रोशनी के वास्ते। आग को पानी करे है और पानी को धुआं। आदमी क्या-क्या करे है ज़िंदगी के…

  • डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | Kavita Dr. A.P.J. Abdul Kalam

    डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ( Dr. A.P.J. Abdul Kalam ) तुझे महकता फूल कहूँ या, तुझे  अनंत  आकाश कहूँ। पूर्व राष्ट्रपति  मिसाइल मैन, या तुझे मैं  हिंदुस्तान  कहूँ। कलम में इतनी  शक्ति नहीं, मैं कैसे तेरा गुणगान करूँ? हे!   कर्मयोगी,   शिक्षाविद, किन शब्दों में  बयान करूँ। युवा पीढ़ी की शक्ति थे तुम, जाति – पाँत से  परे थे तुम।…

  • कोई प्रहरी | Geet Koi Prahari

    कोई प्रहरी ( Koi Prahari ) कोई प्रहरी काश लगा दे,ऐसा भी प्रतिबंध । किसी ओर से बिखर न पाये,धरती पर दुर्गंध ।। दिया हमीं ने नागफनी अरु,बबूल को अवसर क्यों बैठे हम शाँत रहे, सोचा कभी न इस पर कभी तो कारण खोजो आये,कैसे यहाँ सुगंध ।। गुलमोहर -कचनार-पकड़िया , आम -नीम-पीपल आज चलो…

  • प्यारा भारत देश | Geet Pyara Bharat Desh

    प्यारा भारत देश ( Pyara Bharat Desh ) हमारा है प्यारा बहुत देश जिसमें रहते हर धर्म के लोग ये हमारा हिंदुस्तान है..। जिसमें बसते सबके प्राण तभी तो करते सब प्यार ये हमारा हिंदुस्तान है..।। जहाँ अनेकता में एकता नजर आती है सदा ये हमारा हिंदुस्तान है..। मनाये मिलकर हर त्यौहार चाहे हो वो…

  • सोच रहा बैठा एकाकी | Kavita Soach Raha

    सोच रहा बैठा एकाकी (  Soach Raha Baitha Ekaki ) बहुत अकेलापन लगता है जनसंकुल संसार में। जन्मान्तर का ऋणी, गई है पूंजी सभी उधार में। सोच रहा बैठा एकाकी, अभी और है कितना बाकी। रिक्त हस्त कैसे चुकताऊं, मेरे नाम लगी जो बाकी। शिथिल अंग हो रहे करूं क्या मैं इसके प्रतिकार में। कालधार…

  • क़दम क़दम पर | Kavita Kadam Kadam Par

    क़दम क़दम पर ( Kadam Kadam Par ) क़दम क़दम पर,रात मिलेगी । सुबह हमें ख़ुद , करनी होगी । जब- जब, छायेगा अंधियारा । ख़ुद ही रौशनी , भरनी होगी । क़दम -कदम पर , दीप जलाकर । खोई राह , पकड़नी होगी । भुला कर घातों व , प्रतिघातों को । ज़िन्दगी बसर…

  • भारत के | सजल

    भारत के ( Bharat ke ) तुम हो वीर सपूत महान भारत के बढाते हो तुम्हीं सम्मान भारत के ।।1। निछावर करते प्राण, मोह नहीं करते तुम विश्व-गुरु अभियान हो भारत के ।।2। मौत का कफन बांध लडते हो वीर तुम भारती-सपूत लाल महान भारत के ।।3। मातृभूमि की मिट्टी लगे सबसे अनमोल, कण-कण है…

  • करगिल जंग | Kavita Kargil Jung

    करगिल जंग ( Kargil Jung ) युद्ध के उस रंग में, दुश्मन के साथ जंग में, बहादुरी दिखा रहे थे हमारे रणबाँकुरे। टाइगर हिल हो या हो द्रास की वो पहाड़ियों, फिर से उसको हासिल कर रहे थे रणबाँकुरे। एटम-बम को जो गहना पहनाकर वो बैठे हैं, अधोपतन का उत्तर वो दे रहे थे रणबाँकुरे।…

  • कारगिल शौर्य गाथा | Kargil Shaurya Gatha

    कारगिल शौर्य गाथा ( Kargil Shaurya Gatha ) 1999 का वह काला दिन, हमला पाक ने कर, लहू -लुहान कारगिल भू किया। लेह लद्दाख के “द्रास”क्षेत्र में, मचा दिया हाहाकार भयंकर।। 18 हजार फीट ऊॅंचाई पर, छिड़ा महा भयंकर युद्ध। विपरीत हालात मौसम के थे। फिर भी लड़े ,वीर हमारे जी जान से। । ”…

  • रावण का अनुसरण | Geet Ravan ka Anusaran

    रावण का अनुसरण ( Ravan ka Anusaran ) अपना घर जो फूक चुके है औरों का भी फूकेंगें। अपने कदमों से ही ये नष्ट सभी कुछ कर देगें।। अपना घर जो……।। अपने अहिंम् के चलते ही ये किसी की नही सुनते है। अपनी अक्षमता का श्रेय औरों के सिर पर मड़ते है। जो अपनों का…