डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम

डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | Kavita Dr. A.P.J. Abdul Kalam

डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम

( Dr. A.P.J. Abdul Kalam )

तुझे महकता फूल कहूँ या,
तुझे  अनंत  आकाश कहूँ।
पूर्व राष्ट्रपति  मिसाइल मैन,
या तुझे मैं  हिंदुस्तान  कहूँ।

कलम में इतनी  शक्ति नहीं,
मैं कैसे तेरा गुणगान करूँ?
हे!   कर्मयोगी,   शिक्षाविद,
किन शब्दों में  बयान करूँ।

युवा पीढ़ी की शक्ति थे तुम,
जाति – पाँत से  परे थे तुम।
फकीराना  जिंदगी  जीकर,
देश – प्रेम   से  भरे  थे तुम।

अग्नि, त्रिशूल, पृथ्वी, नाग,
और  बनाए   एटम –  बम।
आज हमारी ताकत जग में,
नहीं  किसी  से देखो  कम।

अनुशासन प्रिय, शाकाहारी,
कितने  अच्छे  कवि थे तुम।
अंतरिक्ष,  स्पेस की  दुनिया,
के   भी   सिरमौर  थे   तुम।

Ramakesh

रामकेश एम.यादव

(रायल्टी प्राप्त कवि व लेखक),

मुंबई

यह भी पढ़ें :-

करगिल जंग | Kavita Kargil Jung

Similar Posts

  • होलिका दहन | Poem Holika Dahan

    होलिका दहन ( Holika Dahan ) ( 2 )  करना है काम एक आज होलिका दहन में जलानी है कमी एक जो भि है निज के मन में अधर्म पर धर्म की जीत का प्रमाण समक्ष होगा करें दूर कल क्यों, आज के दिन हि प्रत्यक्ष होगा तब हि इन शुभ कामनाओं का कोई अर्थ…

  • वतन के लिए | Pome in Hindi on Watan

    वतन के लिए ( Watan ke Liye ) सर भी झुकते हैं लाखों नमन के लिए जान देते हैं जो भी वतन के लिए सिर्फ़ नारों से क्या होगा ऐ दोस्तो रौनक़े बख़्श दो अंजुमन के लिए मेरे बच्चों से उनकी ख़ुशी छीन ली और क्या चाहिए राहज़न के लिए पीठ पर गोलियाँ तुम न…

  • मां की ममता मां का प्यार

    मां की ममता मां का प्यार ( 2 ) सच है मां सबसे प्यारी है मां सारे जग से न्यारी है मां बिना कोई रह न पाए ठोकर लगे मां याद आए मां ईश्वर का रूप लगता मां की गोद मे सुख मिलता इतनी खूबियां होने पर भी मां घर मे बोझ बन जाती जो…

  • कर्जदार | Karjdar | Kavita

    कर्जदार ( Karjdar)   धरती अंबर पर्वत नदियां सांसे हमने पाई है। पेड़ पौधे मस्त बहारें सब दे रहे हमें दुहाई है।   मातपिता का कर्ज हम पर प्रेम बरसाते। कर्जदार जन्मभूमि के पावन रिश्ते नाते।   देशभक्त मतवाले रहते जो अटल सीना तान। कर्जदार हम उनके लुटा गए वतन पर जान।   रात दिन…

  • नारंगी रंग | Narangi Rang par Kavita

    नारंगी रंग ( Narangi rang )   ऊर्जा और प्रेरणा देता हमें नारंगी रंग प्यारा नए सवेरे का रंग होता बदले ये जीवन धारा आदर्शवाद महत्वाकांक्षा शुभ गुणों का भंडार आकर्षण सुंदरता दर्शाता वैभव शुभ विचार मिलनसार स्नेह सूचक रंग कामदेव को प्यारा विद्या बुद्धि दया क्षमा चंचलता चित्त उजियारा चमकीला चमका देता है भाग्य…

  • मेरी दिली अभिलाषा | Prem Kavita Hindi

    मेरी दिली-अभिलाषा ( Meri dili abhilasha )    कुछ रूठा-रूठा लगता है ओ मन करता है उसे मनाऊं मीठी-मीठी बात करूॅं और उसके मन को बहलाऊं मानकर सारी हठ उसकी मैं जो चाहे वो उसे मगाऊं अर्पण कर मैं खुदको उसमें प्रेम-प्रीत इस भांति निभाऊं सूरज चंदा तारे-वारे आसमान से तोड़ लाऊं इटली,डोसा पिज़्ज़ा-उज्जा जो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *