माँ: त्याग की मूर्ति या शोषण की शिकार?
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखी, जिसमें लिखा था — “अगर घर में चार रोटियाँ हों और खाने वाले पाँच, तो एक ही शख्स होगा जो कह देगा कि मुझे भूख नहीं है — और वो है माँ।” यह वाक्य दिल को छू गया, लेकिन इसके साथ एक गहरा सवाल भी मन…










