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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • धूप का बोझ नहीं सह पा रही है धरती
    विवेचना

    धूप का बोझ नहीं सह पा रही है धरती – रामकेश

    ByAdmin June 2, 2024

    सवांद सूत्र, मुंबई के जाने-माने लेखक और रॉयल्टी प्राप्त कवि रामकेश एम. यादव पड़ रही इस भीषण गर्मी पर अपने मनोभाव कुछ इस तरह व्यक्त किए हैं। उनका मानना है कि आसमां से बरसती आग लोगों के जीवन की ख्वाहिश दिनोंदिन छीनती जा रही है। एसी, कूलर बे-जान होते जा रहे हैं। आये दिन बे…

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  • Hai Teri Rahmat Gazab
    ग़ज़ल

    है तेरी रहमत ग़ज़ब | Hai Teri Rahmat Gazab

    ByAdmin June 2, 2024June 2, 2024

    है तेरी रहमत ग़ज़ब ( Hai teri rahmat gazab )   है गज़ब की शान तेरी है तेरी रहमत गज़ब मेंरे मौला तेरी अज़मत है तेरी ताकत ग़जब। है अजब ये बात की मैं उफ़ भी कर दूं तो क़हर और उससे क़त्ल होकर भी मिले राहत ग़जब। दे रहा था हक़ मेरा मुझको मगर…

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  • शांति रूपी धन
    विवेचना

    शांति रूपी धन

    ByAdmin June 2, 2024June 2, 2024

    गर्मियों के दिनों में भी अक्सर कमाई करने के उद्देश्य से अधिकांश निर्धन लोग कुछ न कुछ व्यवसाय जरूर करते हैं, ऐसे ही एक घटना है जबलपुर स्थित कृष्णा नगर की एक शरीर से दुर्बल, पतले, दुबले बूढ़े व्यक्ति हाथ कंपकपाते हुए चेहरा गर्म हवा के थपेड़ों से झुलस चुका था। बच्चे भी बड़े हो…

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  • मौसम क्यों बदलता है
    कविताएँ

    मौसम क्यों बदलता है

    ByAdmin June 2, 2024

    मौसम क्यों बदलता है कभी-कभी ख्याल आता है मौसम क्यों बदल जाता है फागुन का सुहाना मौसम भी जेठ में क्यों जल जाता हैl जमाना बदलता है हर रोज ठिकाने बदल जाते हैं मौसम बदलता है जब कभी दीवाने बदल जाते हैं। जो याद करते हैं कभी वह कभी याद आते हैं कौन अपना कौन…

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  • Gazal Pinjre ka Panchhi
    ग़ज़ल

    पिंजरे का पंछी | Gazal Pinjre ka Panchhi

    ByAdmin June 2, 2024

    पिंजरे का पंछी ( Pinjre ka panchhi )   हुस्न के ज़ेवर यूँ मत खोल कर दे मेरी दुनिया गोल पहले बाल-ओ- पर को तोल फिर पिंजरे का पंछी खोल फिर देगी गुफ़्तार मज़ा कुछ तो इस में शीरीं घोल मौसम करता सरगोशी क्या है इरादा कुछ तो बोल फिर होगी मदहोश ग़ज़ल जाम उठा…

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  • विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया
    साहित्यिक गतिविधि

    विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया

    ByAdmin June 2, 2024

    तंबाकू व तंबाकू के उत्पाद कैंसर का मुख्य कारण – डाॅ दयाशंकर जांगिड आज नवलगढ़ के अलायंस क्लबों व जांगिड अस्पताल द्वारा अस्पताल परिसर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डाॅ दयाशंकर जांगिड डाॅ शिखरचंद जैन, डाॅ मनीष जांगिड, डाॅ मीनाक्षी जांगिड सेवा ज्योति के प्रशासनिक अधिकारी संजय शर्मा पूर्व प्रांतपाल…

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  • डॉ. आलोक रंजन कुमार
    साहित्यिक गतिविधि

    वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. आलोक रंजन कुमार से साक्षात्कार

    ByAdmin June 2, 2024

    आधुनिक हिंदी साहित्य के धरातल पर झारखंड की भूमि पर डॉ. आलोक रंजन कुमार का स्थान अप्रतिम है। आपने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय तथा राज्यस्तरीय अनेक सेमिनार तथा वेबिनारों में सहभागिता अपनाई है और हिंदी की सेवा की है। साथ ही आपने अपने शोध प्रबंध — ‘पलामू कमिश्नरी की बोलियों का भाषा वैज्ञानिक अध्ययन’ तथा लघु…

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  • प्रित का प्रेम | Prit ka Prem
    कविताएँ

    प्रित का प्रेम | Prit ka Prem

    ByAdmin June 2, 2024

    प्रित का प्रेम ( Prit ka Prem )   मैं तुम्हें लफ्जों में समेट नही सकती क्योंकि– तुम एक स्वरूप ले चुके हो उस कर्तार का– जिसे मैं हमेशा से ग्रहण करना चाहती हूं किन्तु– समझा नही पाती तुम्हें कि– अपने विजन को छोड़कर यथार्थ जीने का द्वंद्व वाकई में किंतना भयप्रद है। नकार देती…

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  • Mujhe Apna Bana Lo
    ग़ज़ल

    मुझे अपना बना लो | Mujhe Apna Bana Lo

    ByAdmin June 2, 2024June 3, 2024

    मुझे अपना बना लो ( Mujhe Apna Bana Lo )   मुझे अपना बना लो सनम दिल में बसा लो //1 नहीं रक्खो ख़फ़ा दिल गले से तुम लगा लो //2 हसद दिल से मिटेगा मुहब्बत की दवा लो //3 सनम रिश्ता न तोड़ो मुहब्बत से निभा लो //4 बचोगे नफ़रतों से मुहब्बत की दुआ…

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  • Kavita Ek Chutki sindoor
    कविताएँ

    एक चुटकी सिंदूर | Kavita Ek Chutki Sindoor

    ByAdmin June 2, 2024June 2, 2024

    एक चुटकी सिंदूर एक चुटकी सिंदूर से,दांपत्य खुशियां भरपूर हिंदू धर्म परिणय व्यंजना, हर नारी मनमोहक श्रृंगार । मांग अंतर सिंदूर शोभा, सुखद जीवन स्वप्न साकार । प्राण प्रिय दीर्घ वय कामना, अलंकृत पद सम कोहिनूर । एक चुटकी सिंदूर से,दांपत्य खुशियां भरपूर ।। वैदिक कालिन दिव्य परंपरा, प्रेम भक्ति अथाह समाहित । पावन दृष्टांत…

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