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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • बुद्धसिस्ट 
    कविताएँ

    बुद्धसिस्ट | Kavita Buddhist

    ByAdmin May 21, 2024

    बुद्धसिस्ट  ( Buddhist )   बुद्ध विशुद्ध मुक्ति का मार्ग बुद्ध विशुद्ध ज्ञान का मार्ग बुद्ध थर्म नहीं धम्म है बुद्ध में मानव सम्म है मन तन वचन तीन ताप बुद्ध मत में तीन पाप बुद्ध शर्ण गच्छामि शुद्ध संस्कार धम्म शर्ण गच्छामि शुद्ध संस्कार संघ शर्ण गच्छामि मुक्ति दाता बुद्ध विशुद्ध ज्ञान ध्यान दाता…

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  • समय का न करें दुरुपयोग
    कविताएँ

    समय का न करें दुरुपयोग

    ByAdmin May 21, 2024

    समय का न करें दुरुपयोग   समय का ना करों मित्र मेरे दुरुपयोग मुश्किल से मुश्किल घड़ी आने का बन रहा है योग देखों, दिख रहा है महंगाई का प्रकोप झेलना पड़ रहा है भारी इनका रौद्र रूप योग समय का ना,,,,,,,,, भाग नहीं सकेंगे इनसे यह है बड़ा कठोर वियोग इसमें समाएं जा रहा…

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  • मानव, पानी और कहानी
    कविताएँ

    मानव, पानी और कहानी

    ByAdmin May 21, 2024

    मानव, पानी और कहानी   जीवन झर झर झरता, है झरने सा, झरना झर झर बहता, है जीवन सा, मानव के ऑखो मे पानी, नदी, कूप, तालों मे पानी, पानी की कलकल है जरूरी, ऑखों की छलछल है जरूरी, मानव, पानी और कहानी, है धरती की यही निशानी, जीवन की जो कहानी है, झरने में…

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  • जल संकट और समाधान | Essay in Hindi on Water Crisis and Its Solutions
    निबंध

    जल संकट और समाधान | Essay in Hindi on Water Crisis and Its Solutions

    ByAdmin May 21, 2024May 21, 2024

    जल संकट और समाधान  ( Water Crisis and Its Solution )  प्रस्तावना: जल संकट एक गंभीर वैश्विक समस्या है, जिसमें पानी की उपलब्धता की कमी, जल प्रदूषण, और असमान वितरण शामिल है। इसे समझने और समाधान की दिशा में कदम उठाने के लिए निम्नलिखित पहलुओं पर विचार किया जा सकता है: जल संकट के कारण:…

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  • गांधी बनना है आसान
    व्यंग्य

    बापू का हिन्दुस्तान | व्यंग्य रचना

    ByAdmin May 21, 2024

    बापू का हिन्दुस्तान   गंदगी से व्याप्त एक गांव में एक मंत्री का था दौरा! उनका पी.ए वहां पहुंचा दौड़ा -दौड़ा! गांव के प्रशासन को कुंभकर्णी नींद से जगाया! और उन्हें —–और उन्हें मंत्रीजी के इसी आशय का एक पत्र पढ़कर सुनाया! मंत्रीजी के पत्र ने गांव के सुस्त प्रशासन को चुस्त बनाया! प्रशासन ने…

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  • International Tea Day
    कविताएँ

    विश्व चाय दिवस | Kavita International Tea Day

    ByAdmin May 21, 2024

    विश्व चाय दिवस   प्रेम के रंग ,चाय के संग आधुनिक जीवन शैली, चाय महत्ता अद्भुत विशेष । भोर काल प्रथम स्मृत बिंदु, स्पर्श सह आनंद अधिशेष । हाव भाव प्रियेसी सम, चुस्की अंतर अपनत्व कंग । प्रेम के रंग,चाय के संग ।। मृदुल मधुर संवाद सेतु , चिंतन मनन भव्य आधार । स्वभाव उष्ण…

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  • Nazm Chikhloli Station
    शेरो-शायरी

    चिखलोली स्टेशन | Nazm Chikhloli Station

    ByAdmin May 21, 2024

    चिखलोली स्टेशन ( Chikhloli Station ) चिखलोली स्टेशन बनाने लगे हैं, वर्षो के ख्वाब वो सजाने लगे हैं। अभी तक बना है न ऐसा स्टेशन, मेरे दिल के तार वो गुदगुदाने लगे हैं। शैशव अवस्था में अभी हमने देखा, निगाह-ए -तलब वो बढ़ाने लगे हैं। उतरते हैं बादल इसे चूँमने को, छूकर हँसी वो लुटाने…

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  • Kavita Zindagi
    कविताएँ

    ज़िन्दगी | Kavita Zindagi

    ByAdmin May 21, 2024

    ज़िन्दगी ( Zindagi )   कभी शोला, कभी शबनम, कभी मधुर झनकार ज़िदगी। कभी है तन्हाई का गीत, न जाने कब आयेंगे मीत, मिलन जब होगा परम पुनीत, धन्य जब होंगे नयन अधीर, लगती है अभिसार जिंदगी। बगीचे में जो रोपे फूल, बने फिर आगे चल कर शूल, नहीं मिलता है कोई कूल, जिगर के…

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  • जल ही है जीवन का संबल
    कविताएँ

    जल ही है जीवन का संबल

    ByAdmin May 21, 2024

    जल ही है जीवन का संबल   जल ही है जीवन का संबल, जल ही जीवन का संचार! वन्य जीव फसलें जीवित सब, जल ही है सुख का आधार!! जल विहीन हो जीना चाहें, ऐसा संभव नहीं धरा पर! जल संचय करना हम सीखें, बर्बादी को रोकें परस्पर!! पर्यावरण प्रदूषित ना हो, वृक्ष से करें…

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  • Kahani Desh ki Mati
    कहानियां

    देश की माटी | Kahani Desh ki Mati

    ByAdmin May 20, 2024

    अभी रमेश को 15 दिन भी नहीं आए हुए थे पता चला उसकी मां को लकवा मार गया है । वह बहुत चाहता था मां के पास पहुंचे लेकिन चाह कर भी घर नहीं जा सकता था। रात्रि में जब वह लेटा हुआ था तो उसे नींद नहीं आ रही थी। वह सोचता रहा की…

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