• भूतों का एजेंट | Kahani Bhooton ka Agent

    रात्रि का लगभग 9:00 बज रहा होगा। प्रयागराज की एक मजार पर बहुत सी स्त्रियां अभुआ सुसुआ आ रही थी। एक कह रही थी कि -“मैं इसके शरीर को नहीं छोडूंगी। मैं उसकी जान लेकर के रहूंगी। ” खुले बाल कमर को चारों तरफ से नचाती हुई वह सवाल जवाब किए जा रहे थी। वहां…

  • माँ तेरा एहसान हम पर

    माँ तेरा एहसान हम पर   जीवन मे हर क्षण ढाल बन तुमने सम्हाला माँ तेरा एहसान हम पर । नौ महीने कोख में रख कर पाला माँ तेरा एहसान हम पर । धेर्य से हमको पढ़ाया प्रथम गुरु बनकर । संस्कारो से सींचा बढ़ाया स्नेह से भरकर । ढालकर सांचे में मूरत बना डाला…

  • मां पर प्यारी सी कविता

    मां पर प्यारी सी कविता   ऐ टूटते हुए तारे दुआ कबूल तो करो मेरी मेरी माँ को मेरे सामने सलामत सदा रखना|| हँसते मुस्कुराते चेहरे आँखों की नमी देखी है परदेश में सब कुछ है माँ बस तेरी कमी देखी हैं|| उजाले को गुमान था अपनी कलाकारी पर माँ के आँखे खोलते ही वह…

  • माँ जैसी दीदी | Kavita Maa Jaisi Didi

    माँ जैसी दीदी ( Maa Jaisi Didi ) मांँ जैसी मेरी दीदी मेरी दीदी प्यारी है सबसे लाड दुलारी है बहन की प्यारी दीदी। मम्मी पापा की बिटिया रानी है। माँ जैसी मेरी दीदी सबसे प्यारी वह खुद भी पढ़ती मुझे पढ़ाती दुनिया का अद्भुत ज्ञान बताती विज्ञान व गणित मुझे सिखाती माँ जैसी मेरी…

  • सुन रही हो माँ | Sunn Rahi ho Maa

    सुन रही हो माँ ( Sunn Rahi ho Maa )   देखो माँ , हर वर्ष मातृ दिवस पर तुम्हारा गुणगान किया जाता है, उस एक दिन में, भर दिए जाते है पन्ने, तुम्हारी महानता के, माँ महान है, माँ बगैर हम कुछ नही, कही झूठ कही सच, कही भ्रम का लिबास पहनाकर, तुम्हारी महिमा…

  • माता पिता | Kavita Mata Pita

    माता पिता ( Mata Pita )   माता पिता छोड़ चले मुझे अधर झूल में दुआ आशीष छोड़ चले मुझे अधर झूल में दुखों का पहाड़ टूटा मेरे सिर पर भारी प्यार ममता छोड़ चले मुझे अधर झूल में अनुभव नहीं था कोई बोझ उठाने का ज़रा भरा परिवार छोड़ चले मुझे अधर झूल में…

  • कितना खूबसूरत शब्द है माँ

     माँ कितना खूबसूरत शब्द है माँ जिसे सुनकर बढ़ जाती है चेहरे की चमक सीने से बहने लगती है गंगा जमुना की धारा दिल की टहनी पर फूटने लगती हैं फूलों की कोंपलें कितना खूबसूरत शब्द है माँ जिसे सुनते ही कानों में बजने लगती हैं घण्टियाँ पैरों में आ जाती है अजब-सी शक्ति बाहें…

  • “माँ” आज भी मुझे बाबू कहके बुलाती है

    “माँ” आज भी मुझे बाबू कहके बुलाती है   यशोदा-कौशल्या से ज़्यादा लाड लड़ाती, देख-देख अठखेलियां मंद-मंद मुस्काती, आशीषों की झड़ी लगा के लेती है बलाए, आज भी माथा चूम जी भरके देती दुवाएं, ममता का सागर वो निश्छल बरसाती है ! “माँ” आज भी मुझे बाबू कहके बुलाती है !! १ !! क्या कोई…

  • लड़कियों की जिंदगी

    लड़कियों की जिंदगी बहुत मार्मिक,संघर्षशील,सहनशीलता से भरी होती है। इतने ही नहीं धैर्य और ममता भी अंदर कूट-कूट कर निहित कुछ एक दो अपवाद स्वरूप है। अपवाद की तो बात ही जुदा गुलाब में भी कांटे होते हैं। लड़कियों में हर दु:ख-दर्द पीड़ा को सहने की अपूर्व क्षमता रहती है। हर असहनीय पीड़ा को हंसते-हंसते…

  • माँ बहुत याद आती है

    माँ बहुत याद आती है तेरी गोद, तेरी लोरियां, बहुत याद आती है, बरसों बीत गए हैं माँ, सुकून की नींद ना आती है। मेरी चोट पर आंसू तेरे बहते, वो बाहें याद आती है, तेरा आंचल याद आता है माँ, जब आंखें नम हो जाती हैं। गिरने से पहले संभाल लेती मुझको, वो परवाह…